Home Haryana पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरणसिंह की 120वीं जयंती किसान सम्मान दिवस के रूप...

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरणसिंह की 120वीं जयंती किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाई

163
0

करनाल (अंकुर कपूर): देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाई गई। जिसके उपलक्ष्य में करनाल के राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र में फसल अवशेष प्रबंधन व कृषि में विविधिकरण विषय पर एक दिवसीय कर्यशाला, किसान मेला व प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की कार्यकारिणी सदस्य एवं पदमश्री कंवल सिंह चौहान मुख्यरूप से पहुंचें। किसान मेले में किसानों ने कृषि संयंत्रों के विषय में जानकारी ली। किसानों को कार्यशाला के दौरान फसल अवशेष प्रबंधन के विषय में बताया गया। और यह भी बताया गया कि फानों में आग लगाने से कितना नुकसान प्रकृति को होता है और कितना नुकसान जमीन को होता है।
किसान ने बताया कि किसान मेेले में आने से कई तरह के फायदे मिलते है। पहला फायदा तो अधिकारियों से मुलाकात होती है और उनके विजन व मिशन की भी जानकारी मिलती है। नई-नई तकनीकों और स्कीमों का पता चलता है। कई किसान भी जुड़ते है और उनके द्वारा की जाने वाली खेती और तकनीक के विषय में भी जागरूकता आती है जिससे किसान को आगे बढऩे में काफी मदद मिलती है। किसान ने बताया कि उसने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सुपर सीडर का प्रयोग किया। जिसमें मेहनत कम लगती है और समय भी बचता है। गेहूं की पैदावार भी बेहतर होती है। सरकार की कोई भी नई स्कीम आती है या फिर कृषि विभाग कोई नया संयंत्र लेकर आता है तो उसके विषय में किसानों को जागरूक किया जाए ताकि किसान उसका फायदा ले सके।

किसान ने बताया कि उनका गांव कई सालों से केवीके से जुड़ा हुआ है। केवीके ने उनके गांव में कृषि संयंत्र भी भेजे थे। फसल अवशेष प्रबंधन में इन संयंत्रों का बड़ी ही अच्छी तरह से इस्तेमाल किया गया है और उसका फायदा भी किसानों को मिला है। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। फानों में आग लगाने से ना सिर्फ पर्यावरण को नुकसान होता है बल्कि भूमि का उपजाऊपन भी नष्ट होता है। इसलिए किसानों को भी सरकार और प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here