कुरुक्षेत्र (अंकुर कपूर): धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में इन दिनों अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन चल रहा है,इस मौके पर आयोजित शिल्प मेले में राष्ट्रीय शिल्पकार पहुंचे है। वाराणसी से जमालुद्दीन बनारसी साड़ी के शिल्पकार साल 2009 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से जामदानी बनारसी साड़ी के लिए अवार्ड प्राप्त कर चुके हैं। बनारस का नाम आते ही सनातन हिंदू संस्कृति की झलक के साथ-साथ बनारसी साड़ी की झलक सामने आती है।
बनारसी साड़ी की अपनी पूरी दुनिया में अलग धाक है उसकी बनावट बनाने का तरीका ही बनारसी साड़ी की पहचान है। करीब सवा लाख रुपए कि उस जामदानी साड़ी की अपनी अलग ही पहचान थी, उसी से जमालुद्दीन को भी पहचान मिली आज जमालुद्दीन सिर्फ मेले में अपनी बनारसी साड़ियों के प्रदर्शनी लगा रहे हैं। उनका कहना है कि बनारसी साड़ी को बनाने में वक्त लगता है और उसका दाम जरी और कारीगरों की संख्या पर निर्भर करता है।
साड़ी में बड़े बारीकी से बनाने में महीनों का समय लग जाता है। जमालुद्दीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा सम्मानित अपने चित्रों को दिखाकर बड़े गर्व के साथ बताते हैं, किस तरह से उनकी बनाई जामदानी साड़ी के लिए उनको राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त हुआ था। उनका कहना है कि ऐसी लाजवाब साड़ी सालों में एक बन पाती है।







