यमुनानगर (अंकुर कपूर): आज भी इंसानियत जिंदा है और बेसहारों को सहारा देकर समाज सेवी संस्थाएं दुनिया में मिसाल कायम कर रही है। जिन लोगों की दयनीय हालत देखकर और उनके शारीरिक रोगों को देखकर जिन्हें कोई छूने तक से डरता है यह लोग आगे आकर उनकी सेवा कर उन्हें सही कर रहे हैं। बल्कि समाज में इंसानियत का एक नया पैगाम दे रहे हैं। यह संस्था अपना आशियाना जन सेवा दल करनाल से यमुनानगर पहुंची। बेसहारा परिवार को सहारा देने के लिए अपने साथ ले गई जिस परिवार को सहारनपुर पासपोर्ट एरिया में आसपास के लोग मदद कर उनका जीवन यापन करवा रहे थे।

यहां पर रोटरी क्लब क्लासिक यमुनानगर के पदाधिकारी और ट्रक अड्डा सहारनपुर रोड के सदस्यों ने बेसहारा परिवार को इनके हवाले किया। ट्रक अड्डे के पास राम लखन का परिवार बेसहारा था। राम लखन विकलांग है। उसकी पत्नी बुजुर्ग है और बेटा मानसिक रूप से बीमार है। टीम इस परिवार को अपने आश्रम में रखेगी। वहां पर उन्हें सभी सुविधाएं दी जाएगी। संस्था के सदस्य अनु मदान ने बताया कि जब हमने 9 साल पहले इस पुनीत कार्य की शुरुआत की थी तब पांच मेंबर थे। अब सैकड़ों मेंबर हैं।
आश्रम लावारिस शवों का संस्कार करता है। वहीं हर जरूरतमंद के लिए काम करता है। नेत्रदान और देह दान के लिए भी काम किया जा रहा है। आश्रम में इस समय 192 बेसहारा लोगों को शरण दी गई है। वहीं 35 लोग ऐसे हैं जोकि चल फिर नहीं सकते। वहां पर उनकी सेवा की जा रही है। वही उन्होंने बताया कि लावारिस शव के लिए और बेसहारा व्यक्ति के लिए 94161-10073 पर संपर्क कर सकते हैं। वही यमुनानगर रोटरी क्लब क्लासिक द्वारा ₹31000 की आर्थिक सहायता भी इस परिवार के लिए संस्था को दी गई।







