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पंजोखड़ा साहिब विवाद: HSGPC ने प्रशासन का वार्ता प्रस्ताव ठुकराया, अब CM से होगी बातचीत

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अंकुर कपूर, अंबाला। पंजोखड़ा साहिब विवाद को लेकर सिख संगत और जिला प्रशासन के बीच तनाव बना हुआ है। सिख संगत पर हुए लाठीचार्ज के बाद हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGPC) ने जिला पुलिस प्रशासन की ओर से बातचीत के लिए दिए गए न्योते को ठुकरा दिया है। HSGPC के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने स्पष्ट किया कि अब जिला स्तर पर बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मामले में बातचीत की अंतिम अथॉरिटी हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं और अब उन्हीं से वार्ता की जाएगी।

झींडा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन को पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकाला जाना चाहिए। हालांकि, अब वह समय निकल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि 25 अगस्त से पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री की ओर से सिख समाज को वार्ता के लिए बुलाया जाता है तो वह जरूर जाएंगे और पूरे मामले पर मुख्यमंत्री के साथ बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में न्याय और समाधान की उम्मीद मुख्यमंत्री के स्तर पर ही है।

HSGPC अध्यक्ष ने अंबाला के पुलिस अधीक्षक को भी कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने सिख संगत के खिलाफ लाठीचार्ज कर कानूनी तौर पर बड़ी गलती की है। झींडा ने कहा कि पुलिस ने कार्रवाई के मामले में अंग्रेजों के शासन से भी ज्यादा गलती कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन पहले स्पष्ट रूप से कह देता कि स्थान खाली कर दिया जाए, अन्यथा लाठीचार्ज किया जाएगा, तो स्थिति को अलग तरीके से संभाला जा सकता था।

झींडा ने कहा कि सिख समाज ने अपनी ओर से संयम बरता है और अब जिला प्रशासन को भी अपनी ‘ईगो’ छोड़कर बातचीत के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिख संगत किसी विवाद की शुरुआत नहीं करती, लेकिन यदि उस पर चढ़कर कार्रवाई की जाती है तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों की सिख संगत से 25 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में अंबाला पहुंचने की अपील की। झींडा ने कहा कि बड़ी संख्या में संगत के अंबाला पहुंचने से सरकार को यह संदेश जाएगा कि सिख समुदाय हर मामले का समाधान शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए चाहता है।

HSGPC अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार के साथ बातचीत के जरिए कोई समाधान नहीं निकलता है तो आगे की कानूनी कार्रवाई सिख संगत की ओर से की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि यदि 25 अगस्त से पहले मुख्यमंत्री की ओर से वार्ता के लिए बुलावा आता है तो HSGPC बातचीत के लिए तैयार है। फिलहाल, जिला प्रशासन के वार्ता प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद पूरे मामले में अगली पहल सरकार की ओर से होने की उम्मीद है।

 

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