यह निर्णय मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को पहले से खाद की उपलब्धता की जानकारी देना, बिक्री केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ और भागदौड़ कम करना तथा मांग के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति की बेहतर योजना तैयार करना है।
नई प्रणाली के तहत किसान मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी उर्वरक आवश्यकता दर्ज कर सकेंगे। उन्हें अपनी पसंद का अधिकृत बिक्री केंद्र चुनने की सुविधा भी मिलेगी। बुकिंग स्वीकृत होने के बाद किसान क्यूआर कोड या टोकन के माध्यम से निर्धारित केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार ने बताया कि किसान की घोषित फसल और खेती के रकबे के आधार पर उर्वरक की अनुशंसित मात्रा का आकलन किया जाएगा। किसान निर्धारित मानकों के अनुसार अनुशंसित मात्रा या उससे कम खाद के लिए आवेदन कर सकेंगे।
डिजिटल बुकिंग के दौरान पहचान सत्यापन के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी या ओटीपी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जिन किसानों के पास डिजिटल साधनों की सुविधा नहीं है, उनके लिए कॉमन सर्विस सेंटर, सहकारी समितियों, अधिकृत खाद विक्रेताओं, विभागीय उप-डिपो और कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर उपलब्ध सत्यापित किसानों की खेती संबंधी जानकारी को किसान रजिस्ट्री से जोड़ने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत फसल सीजन के दौरान किसान अपनी कृषि भूमि का विवरण दर्ज करेंगे और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े पोर्टल पर संबंधित भूमि का चयन कर सकेंगे।
सत्यापन के बाद किसान, भूमि, फसल सीजन और स्वामित्व से संबंधित जानकारी सुरक्षित डिजिटल माध्यम से किसान रजिस्ट्री में दर्ज की जाएगी। पंजीकरण पूरा होने पर पात्र किसान को एक विशिष्ट किसान पहचान संख्या जारी की जाएगी। इस पहचान संख्या को किसान के खेती संबंधी रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा, जिससे भविष्य में विभिन्न कृषि योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने में सुविधा होगी।
फसल या खेती की स्थिति में बदलाव होने पर किसान की जानकारी प्रत्येक फसल सीजन में अपडेट की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल किसान रजिस्ट्री और उर्वरक बुकिंग व्यवस्था से खाद की मांग का सटीक आकलन करने, आपूर्ति को व्यवस्थित करने और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।







