अंबाला (अंकुर कपूर)। हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। विशेष रूप से धान उत्पादक किसानों का कहना है कि मानसून की सक्रियता उनकी फसलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। खेतों में खड़ी धान की फसल को पर्याप्त नमी मिलने से जहां उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद बढ़ी है, वहीं सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा।
किसानों के अनुसार मानसून सीजन की शुरुआत में बारिश अपेक्षा से कम हुई थी, जिससे धान की फसल को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना चुनौती बन गया था। कई क्षेत्रों में किसानों को लगातार ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई करनी पड़ रही थी। बिजली आपूर्ति में व्यवधान और बढ़ते खर्च ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी थी।
हालांकि पिछले चार-पांच दिनों से मौसम में आए बदलाव और लगातार हो रही बारिश ने स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे ट्यूबवेल पर निर्भरता कम होगी और बिजली की खपत भी घटेगी। उनका मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह अंतराल के साथ बारिश होती रही तो धान की फसल को और अधिक लाभ मिलेगा।
किसानों ने बताया कि बारिश से न केवल फसल की बढ़वार बेहतर होगी, बल्कि भूजल स्तर में सुधार की भी उम्मीद है। लगातार सिंचाई के कारण जिन क्षेत्रों में जलस्तर नीचे जा रहा था, वहां वर्षा का पानी प्राकृतिक रूप से भूजल पुनर्भरण में मदद करेगा। इससे भविष्य में सिंचाई संसाधनों पर दबाव कम होगा।
कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि धान की फसल के वर्तमान चरण में हुई वर्षा फसल की सेहत के लिए लाभकारी है। इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और पौधों को पर्याप्त पोषण मिलता है। किसानों का कहना है कि तेज बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कई कीट-पतंगों का प्रकोप भी कम हो सकता है, जिससे उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
बारिश के चलते प्रदेश में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इससे किसानों और आम लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी प्रकार अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष धान की पैदावार बेहतर रहने की संभावना है।
किसानों ने उम्मीद जताई कि मानसून की यह सक्रियता आगामी दिनों में भी बनी रहेगी, जिससे कृषि क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी तथा खेती की लागत में कमी आएगी।रुक-रुक कर हो रही बारिश से खिले किसानों के चेहरे, धान फसल को बड़ा फायदा







