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हरियाणा में नशा तस्करों पर स्निफर डॉग्स का शिकंजा, छह माह में 48 मामलों का खुलासा

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चंडीगढ़। हरियाणा में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अब स्निफर डॉग्स पुलिस के सबसे प्रभावी हथियार बनकर उभरे हैं। तस्कर चाहे मादक पदार्थों को वाहनों के गुप्त चैंबरों, खेतों की मिट्टी, मकानों की दीवारों, गोदामों या सामान के बीच छिपाकर रखें, प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स अपनी तीव्र सूंघने की क्षमता से उनके हर ठिकाने तक पुलिस को पहुंचा रहे हैं।

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) और जिला पुलिस की संयुक्त टीमों ने वर्ष 2026 की पहली छमाही में स्निफर डॉग्स की मदद से एनडीपीएस एक्ट के 48 मामलों का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इन अभियानों के दौरान हेरोइन (चिट्टा), स्मैक, गांजा, चरस, अफीम, डोडा पोस्त और चूरा पोस्त समेत बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए।

इन अभियानों में स्निफर डॉग्स बोल्ट, रैंबो और रोमियो की भूमिका सबसे अधिक चर्चा में रही। बोल्ट ने 15, रैंबो ने 14 और रोमियो ने 12 ऑपरेशनों में महत्वपूर्ण सुराग देकर पुलिस कार्रवाई को सफल बनाया। खास तौर पर रैंबो की मदद से आदमपुर क्षेत्र में 5 क्विंटल 50 किलो 300 ग्राम डोडा पोस्त की बरामदगी हुई, जिसे इस अवधि की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशा तस्कर लगातार अपने तौर-तरीके बदल रहे हैं। वे वाहनों में विशेष चैंबर बनाकर, खेतों में दबाकर या गोदामों में छिपाकर मादक पदार्थों की तस्करी करने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में स्निफर डॉग्स की भूमिका बेहद अहम साबित हो रही है। कई बार सामान्य तलाशी और तकनीकी जांच से भी छिपे हुए नशीले पदार्थों का पता नहीं चल पाता, लेकिन प्रशिक्षित डॉग्स सटीक संकेत देकर पुलिस को सफलता दिला देते हैं।

वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में हिसार, फतेहाबाद, सिरसा (डबवाली), गुरुग्राम, फरीदाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र और हिसार जीआरपी समेत कई जिलों में बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान चलाए गए। इन अभियानों में आदमपुर से 5.50 क्विंटल से अधिक डोडा पोस्त, फतेहाबाद से 10.160 किलोग्राम डोडा पोस्त और फरीदाबाद से गांजा, चरस व अन्य नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद की गई।

अधिकारियों का कहना है कि इन सफलताओं के पीछे केवल स्निफर डॉग्स की असाधारण क्षमता ही नहीं, बल्कि उनके हैंडलर्स की कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण भी शामिल है। सिपाही अनिल, सुनील, रीत, प्रदीप, विकास और रविंदर ने अपने डॉग्स के साथ बेहतर तालमेल विकसित किया है, जिससे ऑपरेशन के दौरान मिले संकेतों पर तुरंत और सटीक कार्रवाई संभव हो पाती है।

ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) संदीप सिंह कश्यप के अनुसार प्रत्येक स्निफर डॉग और उसके हैंडलर को वैज्ञानिक एवं आधुनिक प्रशिक्षण पद्धति के तहत तैयार किया जाता है, ताकि वे नशा तस्करी जैसे संगठित अपराधों के खिलाफ प्रभावी भूमिका निभा सकें। हरियाणा पुलिस की यह रणनीति नशा तस्करों के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

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