अनिल मंगला , फरीदाबाद | एनआईटी 86 के पूर्व विधायक पं० नीरज शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि हरियाणा में अब रामचरितमानस का पाठ करना भी गुनाह साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन और सरकार को सद्बुद्धि के लिए वे सेक्टर-16 नेहरू कॉलेज के सामने पूर्णतः शांतिपूर्ण ढंग से श्री रामचरितमानस का पाठ आयोजित करना चाहते थे। इसके लिए विधिवत अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया।
पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने प्रशासनिक पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन बहानेबाज़ी पर उतर आए हैं। अनुमति न देने के पीछे “कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर)” बिगड़ने और “रास्ता बंद होने” जैसी दुनिया भर की बातें लिखी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इससे पहले भी रामचरितमानस का पाठ किया था, जिससे कभी कोई शांति-भंग नहीं हुई। छात्र आंदोलन के बीच सभी की सद्बुद्धि के लिए आयोजित होने वाले इस धार्मिक पाठ से भ्रष्ट भाजपा सरकार आखिर क्यों डर रही है।
नीरज शर्मा ने सरकार के ढोंग की पोल खोलते हुए कहा कि असल में यह भ्रष्ट भाजपा सरकार अपनी “चंदा चोरी” जैसी चीज़ें उजागर होने से घबराया हुआ है। अधिकारियों पर दबाव डालकर ऐसे गलत और हास्यास्पद फैसले करवाए जा रहे हैं। एक तरफ तो यह सरकार सनातनी होने और मंदिर बनाने का बड़ा-बड़ा दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ रामचरितमानस का पाठ करने की अनुमति तक नहीं देती। यह इस सरकार की जनविरोधी नीति, भ्रष्टाचार और दोहरी मानसिकता को साफ उजागर करता है।







