हिसार। हांसी के नारनौंद क्षेत्र के गुराना गांव में 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद दफनाए गए शव को पुलिस ने अगले दिन कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस कंट्रोल रूम में एक युवक की ओर से युवती की हत्या कर शव दफनाने की सूचना दिए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, गुराना निवासी प्रियंका करीब एक सप्ताह पहले बिना बताए घर से चली गई थी। तीन दिन बाद वह वापस घर लौटी। परिजनों के मुताबिक, घर लौटने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। दोपहर करीब दो बजे वह घर के कमरे में फंदे से लटकी मिली। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिजनों ने शव को दफना दिया।
शव दफनाए जाने के बाद खुद को दीपक बताने वाले एक युवक ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया। उसने आरोप लगाया कि युवती की हत्या करने के बाद शव को दफनाया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और शव को कब्र से निकालने की कार्रवाई की।
खेड़ी चौपटा चौकी पुलिस गांव पहुंची और नायब तहसीलदार खुर्शीद अहमद को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। सोमवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट, चिकित्सकों और एफएसएल टीम की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए हांसी नागरिक अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। चौकी प्रभारी एसआई विनोद कुमार ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस युवक की ओर से लगाए गए हत्या के आरोपों की भी जांच कर रही है।







