रोहतक | रोहतक जिला परिषद के सदस्य जयदेव डागर ने आंदोलनकारियों के खिलाफ हो रही कथित प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले सात दिनों के भीतर आंदोलन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो वह रोहतक में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति बनने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
जयदेव डागर का आरोप है कि आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच यह सहमति बनी थी कि किसी भी आंदोलनकारी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि इसके बावजूद विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जिससे सरकार अपने वादे से पीछे हटती दिखाई दे रही है।
डागर ने बताया कि वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन सांपला में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके अलावा 20 जुलाई को भी उन्हें जिला विकास भवन से डिटेन किया गया, जिसके कारण वह दिल्ली नहीं पहुंच सके। उन्होंने दावा किया कि रोहतक में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित पहला प्रदर्शन भी उनके नेतृत्व में किया गया था।
जिला पार्षद ने आरोप लगाया कि हरियाणा में भी आंदोलन से जुड़े लोगों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार, महेंद्रगढ़ के एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित किया गया, जबकि रिठाल गांव में छात्रों के धरने का वीडियो साझा करने के मामले में एक पूर्व सरपंच के खिलाफ केस दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है।
जयदेव डागर ने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर आंदोलनकारियों के खिलाफ कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो वह रोहतक में लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। उन्होंने सरकार पर अपने वादों से पीछे हटने और आंदोलनकारियों के प्रति सख्त रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया।
हालांकि, यह सभी दावे जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर के सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं। इस मामले में केंद्र सरकार या हरियाणा सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







