गुरुग्राम। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुग्राम में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए तैयार कार्ययोजना के विभिन्न बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को तय समय सीमा के भीतर सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान हरियाणा के वन, पर्यावरण एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (सीएक्यूएएमएस) के विस्तार, इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-बसों को बढ़ावा देने, पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई, “नो पीयूसीसी-नो फ्यूल” व्यवस्था लागू करने, निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, ठोस कचरे के निस्तारण, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर सख्ती और धान की पराली के प्रभावी प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी प्रोजेक्ट तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सीएक्यूएएमएस नेटवर्क का विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने, पुराने वाहनों पर कार्रवाई और “नो पीयूसीसी-नो फ्यूल” व्यवस्था लागू करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट, सड़क पुनर्विकास और प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, ठोस कचरे के प्रभावी निस्तारण, बायोमास जलाने पर रोक और पराली प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग और समय-समय पर समीक्षा से ही वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत सहित एनसीआर के प्रमुख शहरों के मुख्य चौक-चौराहों को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रमुख यातायात स्थलों की नियमित डीप क्लीनिंग कराई जाए, सड़कों के किनारे और गड्ढों में पौधारोपण किया जाए तथा धूल नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने भी गुरुग्राम के राजीव चौक की तर्ज पर अन्य प्रमुख ट्रैफिक प्वाइंट्स को हरित स्वरूप देने और मानसून के दौरान बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने एनसीआर क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक ईवी चार्जिंग स्टेशन विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से करनाल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों और बसों को निर्बाध चार्जिंग सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए हरियाणा सरकार जल्द ही नई ईवी नीति को कैबिनेट में मंजूरी के लिए लाएगी, जिससे पूरे प्रदेश में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ट्रैफिक जाम से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ सहित एनसीआर के सभी प्रमुख शहरों में जाम वाले स्थानों का विस्तृत सर्वे कर स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां सड़क चौड़ीकरण, ट्रैफिक प्रबंधन, सिग्नल व्यवस्था या अन्य आधारभूत सुविधाओं की जरूरत है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए।
बैठक में धान की पराली प्रबंधन पर भी विशेष चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों और कृषि विभाग के सहयोग से गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि किसान पराली जलाने के बजाय उसके वैज्ञानिक प्रबंधन को अपनाएं। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग और समन्वित प्रयासों से हरियाणा सरकार एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि एनसीआर की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सके।







