चंडीगढ़| हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा के नाम का दुरुपयोग कर अधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों को झांसे में लेने की कोशिश करने वाले दो साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर थाना पुलिस और सीआईए की संयुक्त टीम ने राजस्थान के अलवर जिले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मंत्री रणबीर गंगवा के नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम कार्ड जारी कराया था। सिम को इस तरह सक्रिय किया गया था कि ट्रूकॉलर पर कॉल आने पर मंत्री रणबीर गंगवा का नाम दिखाई देता था। इससे लोग आसानी से कॉल पर भरोसा कर लेते थे।
विश्वास कायम करने के लिए आरोपियों ने मंत्री के आधिकारिक फेसबुक पेज से हिसार में आयोजित एक कार्यक्रम की तस्वीर डाउनलोड कर उसे अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो के रूप में लगा रखा था। इसी तरीके से वे अधिकारियों और भाजपा नेताओं को कॉल कर स्वयं को मंत्री बताकर प्रभाव डालने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अंबाला स्थित अधीक्षण अभियंता और गुरुग्राम के एक अधिकारी को फोन कर अपने किसी व्यक्ति का काम कराने का दबाव बनाया। इसके बाद पानीपत और करनाल के भाजपा जिलाध्यक्षों को भी कॉल किए गए।
हालांकि दोनों भाजपा जिलाध्यक्ष पहले भी मंत्री रणबीर गंगवा से बातचीत कर चुके थे। बातचीत के दौरान कॉल करने वाले की आवाज और बोलने के अंदाज पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद करनाल भाजपा जिलाध्यक्ष ने सीधे मंत्री के निजी नंबर पर संपर्क कर जानकारी ली, जिससे पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि उन्हें इस संबंध में करनाल और पानीपत के भाजपा जिलाध्यक्षों से सूचना मिली थी। शिकायत मिलते ही पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी व्यक्ति से ठगी होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
मंत्री के निजी सहायक अरुण कुमार की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। शिकायत में बताया गया कि कोई अज्ञात व्यक्ति मंत्री के नाम से फर्जी सिम का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और राजस्थान के अलवर जिले के नाडका गांव में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सिद्धांत जैन ने बताया कि मंत्री के पीए की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा आरोपियों ने इससे पहले किन-किन लोगों से संपर्क किया था।







