यमुनानगर,परवेज खान-:यमुनानगर के कस्बा प्रताप नगर में एक दुकान के प्लॉट को लेकर दो पक्षों के बीच पुराना विवाद रविवार को हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों ने विवादित प्लॉट पर अपना-अपना मालिकाना हक जताते हुए आमने-सामने आकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान एक पक्ष जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंच गया और प्लॉट से सामान हटाने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। इस घटना में कई लोगों को चोटें आई हैं।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया।फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि विवादित प्लॉट को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी है। एक पक्ष का दावा है कि प्लॉट उनकी निजी संपत्ति है और पड़ोसी दुकानदार लंबे समय से वहां अपना सामान रखकर धीरे-धीरे कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब वे प्लॉट की सफाई और नींव की तैयारी के लिए पहुंचे तो वहां पाइप और अन्य सामान रखा मिला। इसके बाद उन्होंने जेसीबी की सहायता से सामान हटवाना शुरू किया।इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। पहले पक्ष का आरोप है कि विरोधियों ने उन पर अचानक पत्थर बरसाए, जिससे उनके तीन से चार लोग घायल हो गए।वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि विवादित प्लॉट का मामला अदालत में विचाराधीन है और जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता, किसी भी पक्ष को वहां निर्माण या कब्जा करने का अधिकार नहीं है। उनका आरोप है कि पहला पक्ष जबरन जेसीबी लेकर पहुंचा और वहां रखे पाइप हटाकर दूसरी ओर फेंकने लगा। इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि जेसीबी को उनकी ओर बढ़ाया गया, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हो गया। उनका कहना है कि समय रहते हटने के कारण बड़ा हादसा टल गया।स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस मौके पर देर से पहुंची। तब तक दोनों पक्ष वहां से हट चुके थे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घायल लोगों की जानकारी जुटाई।
जांच अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि पुलिस को विवाद और पथराव की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने तक दोनों पक्ष वहां से जा चुके थे। प्रारंभिक जांच में कुछ लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विवादित भूमि से जुड़े दस्तावेजों और अदालत में चल रहे मामले की भी जांच की जा रही है।







