यमुनानगर (एकता): हरियाणा में वैसे तो काफी धार्मिक स्थल हैं लेकिन हर किसी ने अपने आप में कुछ खास रहस्य समेटा हुआ है। यहां हर किसी मंदिर, गुरुद्वारे का अपना इतिहास है। ऐसा ही एक मंदिर हरियाणा में हजारों साल पुराना पातालेश्वर शिव मंदिर है। जिसका इतिहास भी गहरा है।

मीडिया सूत्रों के अनुसार यह मंदिर यमुनानगर में जगाधरी मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर बूड़िया के गांव दयालगढ़ में स्थित है। यह शिव मंदिर हजारों साल पुराना है। इस सिद्धपीठ पातालेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग विराजमान है। यह शिवलिंग कैसे बना और किस समय बना इसकी कोई जानकारी नहीं है।

खास बात यह है कि मंदिर में एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिव बावड़ी भी है। यह बावड़ी कहां तक बनी हुई है इसका आज तक पता नहीं चल पाया है। जानकारी के मुताबिक इसकी खास वजह यह है कि जहां जितना भी सूखा क्यों न पड़ जाए लेकिन पानी कभी नहीं खत्म होता। लोग दूर-दूर से इस बावड़ी के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। कहा जाता है कि जब इस इलाके में पानी की कमी हुई थी तो लोगों ने इस बावड़ी से पानी निकालकर भगवान शिव को चढ़ाया था। इसके अलावा यहां एक ऐतिहासिक पाताल कुआं भी स्थित है। मान्यता है कि यहां किसी समय दूध की धारा बहती थी।

शिवलिंग पर जलाभिषेक कर भक्तों की हर मनोकामनाएं होती है पूरी
इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शनों के लिए नतमस्तक होते हैं। वह शिवलिंग पर जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस मंदिर के प्रति काफी लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। मंदिर में ऐसे श्रद्धालु भी आते हैं, जिनकी कई पीढ़ियां मंदिर में पातालेश्वर महादेव की पूजा व दर्शन के आती रही हैं। इस मंदिर में श्रावण माह व महाशिवरात्रि पर बड़े-बड़े समारोह होते हैं।








