राकेश कुमार शर्मा , करनाल। करनाल के नागरिक अस्पताल में देर रात करीब चार से पांच घंटे तक हुई अघोषित बिजली कटौती से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गईं। ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू, प्रसूति वार्ड और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में बिजली नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच नवजात शिशुओं को लेकर परिजन वार्डों के बाहर इंतजार करते नजर आए, जबकि गंभीर मरीजों को एहतियात के तौर पर कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि बिजली विभाग की ओर से बिना किसी पूर्व सूचना के लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा कि सीएमओ सहित अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू और अन्य क्रिटिकल वार्डों की लगातार निगरानी करते रहे। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन वेंटिलेटर और अन्य गंभीर मरीजों को सुरक्षित इलाज के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
डॉ. गोयल ने बताया कि बिजली विभाग ने जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया है। यदि बिजली बहाल होने में और देरी होती है तो अस्पताल प्रशासन निजी जनरेटर की व्यवस्था करेगा, ताकि मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की रुकावट न आए। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील संस्था में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बिजली कटौती की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी, जिसके कारण समय रहते वैकल्पिक इंतजाम करना संभव नहीं हो सका। वहीं, बिजली विभाग की ओर से भी अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इतनी लंबी बिजली कटौती किस कारण की गई।
बिजली संकट का सबसे अधिक असर प्रसूति वार्ड में देखने को मिला। परिजनों ने बताया कि कई घंटों तक बिजली नहीं रहने से गर्मी के कारण मरीजों और नवजात शिशुओं को काफी परेशानी हुई। एक महिला के परिजन ने बताया कि उनकी गर्भवती बहू का ऑपरेशन होना था, लेकिन बिजली गुल होने से उपचार प्रक्रिया प्रभावित हुई। परिजनों ने अस्पताल में इतनी लंबी बिजली कटौती पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील संस्थानों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।







