चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) यानी HCS काडर का तीन वर्षों के लिए पुनर्गठन करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। इस संशोधन के बाद प्रदेश में HCS अधिकारियों के कुल पदों की संख्या 319 निर्धारित की गई है। इनमें से 205 पद सामान्य प्रशासन और विभिन्न विभागों में कार्यरत (वर्किंग) पदों के रूप में चिन्हित किए गए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार काडर में 84 पद डेपुटेशन रिजर्व के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 34 पद ऐसे हैं, जिन्हें पहले समाप्त या वापस लिए गए पदों से समायोजित किया गया है, जैसे क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव और हरियाणा रोडवेज के महाप्रबंधक के पद। इसके अतिरिक्त 10 पद अवकाश रिजर्व, 10 पद प्रशिक्षण रिजर्व और 10 पद आकस्मिक प्रशासनिक जरूरतों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
सरकार ने बताया कि पहले 210 पदों को कार्यरत श्रेणी में रखा गया था, लेकिन सब-डिविजनल ऑफिसर (सिविल) के पांच पद HCS काडर से बाहर कर दिए गए हैं, क्योंकि इन पर अब जूनियर स्केल IAS अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इस समायोजन के बाद कार्यरत पदों की अंतिम संख्या 205 रह गई है।
सुपर टाइम स्केल के पद
सुपर टाइम स्केल (15 वर्ष या उससे अधिक सेवा) में स्वास्थ्य सेवाएं, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा और पर्यटन विभाग में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) के पद शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त, कंट्रोलर प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी और अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी जैसे अहम पद भी इसी श्रेणी में रखे गए हैं।
चयन ग्रेड और सीनियर स्केल में बदलाव
चयन ग्रेड/सुपर टाइम स्केल (9 से 18 वर्ष सेवा) में 15 अतिरिक्त उपायुक्तों के पद स्वीकृत किए गए हैं। वहीं सीनियर स्केल/चयन ग्रेड (5 से 15 वर्ष सेवा) में 80 एसडीओ (सिविल) के पद शामिल किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों में संयुक्त व अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन), हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सचिव और मुख्यमंत्री के ओएसडी जैसे दायित्वों वाले पद भी इस श्रेणी में रखे गए हैं।
जूनियर से सुपर टाइम स्केल तक संरचना
18 वर्ष से अधिक सेवा वाले अधिकारियों के लिए सचिवालय स्तर पर 14 पद निर्धारित किए गए हैं, जिनमें डिप्टी सेक्रेटरी, ज्वाइंट सेक्रेटरी, एडिशनल सेक्रेटरी और स्पेशल सेक्रेटरी शामिल हैं। वहीं पांच वर्ष तक की सेवा वाले अधिकारियों के लिए सिटी मजिस्ट्रेट, जिला परिषद–कम–डीआरडीए के सीईओ, मंडलायुक्त कार्यालयों में ओएसडी तथा अन्य प्रशासनिक पद तय किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इस पुनर्गठन से प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ेगी और अधिकारियों की तैनाती अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।







