चंडीगढ़ | हरियाणा रोडवेज में ड्यूटी पर तैनात चालक, परिचालक, चेकिंग स्टाफ और बस अड्डा या वर्कशॉप में कार्यरत कर्मचारियों को अब अनिवार्य रूप से वर्दी पहननी होगी। आदेशों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। परिवहन मंत्री अनिल विज ने वर्दी को लेकर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त रुख अपनाते हुए यह निर्देश जारी किए हैं।
वर्दी भत्ता लेने वालों के लिए नियम सख्त
मंत्री विज ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों को वर्दी भत्ता दिया जा रहा है, उन्हें हर हाल में निर्धारित वर्दी में रहना अनिवार्य है। विभाग को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि कई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान वर्दी नहीं पहनते, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है और कर्मचारी की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
परिवहन निदेशक का निर्देश — उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
परिवहन निदेशक द्वारा सभी महाप्रबंधकों और आईएसबीटी दिल्ली के उड़नदस्ता अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों द्वारा वर्दी न पहनना विभागीय आदेशों की अवहेलना है। मंत्री विज ने इस पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।
यात्रियों को होती है असुविधा
बस अड्डों और बसों में वर्दी न पहनने वाले कर्मचारियों के कारण यात्रियों को पूछताछ, सहायता और पहचान में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा वर्दी न पहनना गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। कुछ मामलों में तो चेकिंग की जिम्मेदारी दूसरों को सौंप दी जाती है, जिससे अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिलता है।
सख्त अनुपालन के लिए तैयार रोडवेज विभाग
परिवहन विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब वर्दी में ड्यूटी देने की नीति को सख्ती से लागू किया जाएगा। इससे न केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जा सकेगी, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।







