जींद : चन्द्रिका ( TSN)– सरकारी अस्पतालों में अपना उपचार करवाने के लिए आने वाले मरीजों को आज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर वीरवार को चिकित्सकों ने हड़ताल की। हड़ताली चिकित्सकों ने इमरजेंसी सेवाएं व पोस्टमार्टम भी बंद रखने का फैसला लिया है। वहीं सिविल सर्जन ने हड़ताल से निपटने के लिए एनएचएम के तहत लगे 15 चिकित्सकों व स्कूल हेल्थ के 20 चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है, ताकि मरीजों को परेशानी नहीं हो। इसके अलावा सिविल सर्जन ने दावा किया है कि कुछ चिकित्सक हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और वह मरीजों का दर्द देखते हुए काम करेंगे।
पूरे प्रदेश के चिकित्सक हड़ताल पर
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के जिला प्रधान डा. विजेंद्र ढांडा ने कहा कि आज पूरे प्रदेश के चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान इमरजेंसी व पोस्टमार्टम सेवाएं भी बंद रहेंगी। उन्होंने मरीजों से इस बारे में माफी मांगते हुए कहा कि उनकी मजबूरी को लोग समझ पाएंगे। चिकित्सकों की मांग सरकार पूरी नहीं कर रही है। इसी कारण वह लोग हड़ताल करने पर मजबूर हुए हैं।
1500 से अधिक होती है ओपीडी
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 1500 से अधिक ओपीडी होती है। सोमवार व मंगलवार को तो ओपीडी दो हजार के आसपास पहुंच जाती है। इसलिए एनएचएम व स्कूल हेल्थ चिकित्सकों के सहारे स्वास्थ्य व्यवस्था बहाल होना मुश्किल है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है।
चिकित्सकों की हड़ताल का असर मरीजों पर नहीं पड़ेगा
सीएमओ डा. गोपाल गोयल ने बताया कि पूरे जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बाहल हैं । मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। दो चिकित्सकों की हड़ताल का असर मरीजों पर नहीं पड़ेगा। एनएचएम के तहत काम करने वाले 15 चिकित्सक व स्कूल हेल्थ के 20 चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है.







