मंडी अटेली। अटेली शहर में कम कीमत पर पनीर बेचने का मामला सामने आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर में कुछ युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दुकानों पर महज 100 रुपये प्रति किलो के भाव से पनीर बेचने पहुंच रहे हैं। बाजार में पनीर की सामान्य कीमत की तुलना में इतना कम दाम होने के कारण इसकी शुद्धता और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कम कीमत पर बेचे जा रहे इस पनीर को तैयार करने में दूध के अलावा किन पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसकी जांच जरूरी है।
हाल ही में दुकानदारों ने ऐसे ही एक मोटरसाइकिल सवार युवक को पकड़ लिया, जो दुकानों पर पनीर बेचने आया था। दुकानदारों ने उससे पूछताछ की और भविष्य में इस तरह का पनीर बेचने के लिए क्षेत्र में नहीं आने की चेतावनी देकर छोड़ दिया। हालांकि, इस मामले में पनीर की गुणवत्ता की कोई आधिकारिक जांच होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटना के बाद शहर में बिना किसी स्पष्ट पहचान के खाद्य पदार्थ बेचने वाले लोगों की गतिविधियों पर निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चिंता जताई जा रही है कि यदि कम कीमत पर संदिग्ध गुणवत्ता वाला पनीर बाजार में बिक रहा है तो इससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर पालिका की ओर से प्रभावी निगरानी और जांच की आवश्यकता है।
फूड सेफ्टी अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। लाइसेंस के माध्यम से दुकानदार की पहचान और उसके कारोबार से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। हालांकि, मोटरसाइकिल पर घूमकर खाद्य पदार्थ बेचने वाले लोगों की पहचान करना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
अमित कुमार ने कहा कि ऐसे मामलों में नगर पालिका को भी कार्रवाई करनी चाहिए। शहर में संदिग्ध खाद्य पदार्थ बेचने वालों की पहचान कर उनके सामान की जांच करवाई जानी चाहिए। साथ ही, ऐसे विक्रेताओं के ठिकानों का पता लगाकर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके और लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो।




