बलिंदर कुमार, कैथल। बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न तथा दो जूनियर इंजीनियरों (जेई) के जबरन तबादले के आरोपों को लेकर बिजली कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। विभाग के कार्यालय परिसर में एकत्रित कर्मचारियों ने पुंडरी से भाजपा विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और मामले में उचित कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ‘विधायक मुर्दाबाद’, ‘कर्मचारी एकता जिंदाबाद’, ‘हमारी मांगें पूरी करो’ और ‘भाजपा विधायक के खिलाफ कार्रवाई करो’ जैसे नारे लगाए। कर्मचारियों का आरोप है कि विधायक द्वारा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने दावा किया कि विधायक के दबाव में विभाग के दो जूनियर इंजीनियरों का तबादला करवाया गया। उनका कहना है कि इस तरह के कथित दबाव से कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है और वे स्वतंत्र रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि सरकारी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार काम करने का अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार, कामकाज में अनावश्यक हस्तक्षेप और तबादलों को लेकर दबाव की स्थिति बनने से विभागीय कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है, जिसका असर आम लोगों को मिलने वाली बिजली सेवाओं पर भी पड़ने की आशंका है।
प्रदर्शनकारियों ने विधायक के कथित रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
फिलहाल कर्मचारी कथित जबरन तबादलों के विरोध में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन आरोपों पर विधायक या संबंधित विभाग की ओर से कोई पक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया है।







