पंचकूला। हरियाणा सरकार, CREST और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सरकारी खातों से करोड़ों रुपये के कथित गबन और वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की आर्थिक अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद सीबीआई ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट सिद्धार्थ नरूला, मोहित गोयल, मनोज कुमार और चंडीगढ़ के कारोबारी गौरव कंसल शामिल हैं। सभी आरोपियों को पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया, जहां से जांच के लिए उनका पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
सीबीआई की जांच के अनुसार, सरकारी धन को कथित तौर पर फर्जी कंपनियों, जाली बिलों और शेल कंपनियों के माध्यम से अलग-अलग खातों में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद रकम को नकदी में बदलकर गबन किए जाने का आरोप है। जांच एजेंसी इस पूरे वित्तीय लेनदेन की कड़ियां जोड़ने के साथ-साथ यह पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले में कितनी धनराशि का इस्तेमाल किया गया और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
जांच एजेंसी अब पैसों के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड, संदिग्ध खातों और कंपनियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही सरकारी विभागों और संस्थानों के अन्य खातों से हुए संभावित लेनदेन की भी जांच की जा रही है, ताकि कथित गबन की पूरी राशि और धन के अंतिम लाभार्थियों का पता लगाया जा सके।
मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। सीबीआई यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं को किस तरीके से अंजाम दिया गया और सरकारी धन को निकालने के लिए किन प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।







