अंबाला, अंकुर कपूर। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर अंबाला के मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालु नौ दिनों तक चलने वाले देवी आराधना के पर्व में शामिल हो रहे हैं। अंबाला में मां अंबिका देवी मंदिर में विशेष सजावट की गई है। मंदिर में माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है।
अंबाला का नाम मां अंबिका देवी के नाम पर पड़ा माना जाता है। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। इस बार मंदिर को सजाने के लिए कोलकाता से विशेष रूप से फूल मंगवाए गए हैं, जिनसे मां अंबिका का आकर्षक शृंगार किया गया है। मंदिर परिसर को भी खूबसूरती से सजाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
मंदिर के पुजारी के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से माता की पूजा-अर्चना करने और उनसे मनोकामना मांगने वाले भक्तों को मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन कर रहे हैं।
मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि वे हर साल नवरात्रि का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इन दिनों वे सुबह उठकर माता की पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पिछले करीब 40 वर्षों से मंदिर में आ रहे हैं और माता के प्रति उनकी गहरी आस्था है। उनका मानना है कि मां अंबिका देवी के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है।
नवरात्रि के चलते मंदिरों में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद ले रहे हैं। अगले नौ दिनों तक देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा के साथ मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां जारी रहेंगी।





