Home Haryana अंबाला में बदलते मौसम का असर, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

अंबाला में बदलते मौसम का असर, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

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अंकुर कपूर  अंबाला। बदलते मौसम और कभी बारिश तो कभी तेज धूप के बीच उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। अधिकांश लोग खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश और एलर्जी जैसी समस्याओं के उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।

अस्पताल पहुंचे लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। कभी बारिश और उसके बाद तेज धूप निकलने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं। कई लोगों ने बताया कि उन्हें बार-बार बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत हो रही है। दवा लेने के बाद कुछ राहत मिलती है, लेकिन मौसम बदलते ही समस्या दोबारा शुरू हो जाती है। लोगों के अनुसार वे बचाव के उपाय कर रहे हैं, फिर भी उमस और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बीमारियों से राहत नहीं मिल रही।

अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे लोगों ने बताया कि नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की ओर से जांच के बाद दवाएं दी जा रही हैं और उपचार की उचित व्यवस्था है। लोगों ने मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई।

अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल ने भी मौसम में अचानक हो रहे बदलाव को स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि बरसात के मौसम में साफ और सुरक्षित पानी का सेवन करें। पानी को उबालकर या फिल्टर करने के बाद ही पीना चाहिए। उन्होंने बाजार में खुले या कटे-फटे फल खाने से बचने की भी अपील की।

डॉ. पूजा पेंटल ने कहा कि बारिश के दौरान घरों में कूलर, गमलों या आसपास पानी जमा न होने दें। यदि नालियों या अन्य स्थानों पर पानी जमा हो गया है तो वहां उचित तरीके से तेल डालने समेत मच्छरों की रोकथाम के उपाय किए जाएं। उन्होंने लोगों को घर में भोजन ढककर रखने और खुले में रखा खाना खाने से बचने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, खांसी, जुकाम या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो रही है तो स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और उचित उपचार से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

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