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  पलवल जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण, महिला वार्ड में मिलीं गंभीर खामियां 

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पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुविधाओं को लेकर किए जा रहे सरकारी प्रयासों पर चाइल्ड केयर कैंपेन की विशेष टीम के औचक निरीक्षण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दो सदस्यीय टीम ने लेबर रूम, गायनी ओपीडी के कमरा नंबर 5, 6 और 7, एसएनसीयू तथा एनआरसी वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को कई स्तर पर लापरवाही और व्यवस्थागत खामियां मिलीं।

डॉ. मोहित चहल और संदीप की टीम ने दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले गायनी वार्ड के रिकॉर्ड और रजिस्टरों की जांच की। टीम ने वहां तैनात नर्सिंग स्टाफ से गर्भवती महिलाओं को चाइल्ड केयर से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और जागरूक करने की प्रक्रिया के बारे में सवाल किए। टीम के अनुसार, स्टाफ इस संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया। विस्तृत जानकारी मांगे जाने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

निरीक्षण के दौरान महिला वार्ड और लेबर रूम की व्यवस्था को लेकर सबसे गंभीर स्थिति सामने आई। टीम ने पाया कि वार्ड में पुरुषों की मौजूदगी थी, जबकि भर्ती महिलाएं उनके सामने नवजात बच्चों को स्तनपान करा रही थीं। टीम ने इसे मरीजों की निजता और गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए मौके पर मौजूद कर्मचारियों को फटकार लगाई।

महिला वार्ड के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। निरीक्षण के समय वहां सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। पुरुषों की बेरोकटोक आवाजाही को लेकर जब टीम ने स्टाफ से सवाल किया तो बताया गया कि संबंधित गार्ड अक्सर अपनी ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित रहता है। टीम ने सुरक्षा व्यवस्था में इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।

अस्पताल प्रशासन ने भी निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने की बात कही है। जिला नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि जांच टीम की ओर से अभी लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें जल्द दूर कराया जाएगा। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले सुरक्षाकर्मी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।

औचक निरीक्षण में सामने आई खामियों ने अस्पताल में मरीजों की निजता, सुरक्षा और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूकता को लेकर व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन इन कमियों को दूर करने के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।

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