अनुज पांचाल , गुरुग्राम। शहर की पॉश कॉलोनी पालम विहार के जे-ब्लॉक में आयोजित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की बैठक को उस समय विवाद का केंद्र बन गई, जब नई और पुरानी आरडब्ल्यूए टीम आमने-सामने आ गईं। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। लंबे समय से चल रहा आरडब्ल्यूए विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया, जिससे कॉलोनी के निवासियों में नाराजगी देखी गई।
जानकारी के अनुसार, जे-ब्लॉक में आयोजित बैठक के दौरान पूर्व पदाधिकारी और शिकायतकर्ता जेपी वत्स भी पहुंचे थे। बैठक में उनकी ओर से जिला रजिस्ट्रार को दी गई शिकायत की प्रति निवासियों के सामने रखी गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे तनावपूर्ण माहौल में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों को बीच-बचाव करना पड़ा।
दरअसल, नवगठित आरडब्ल्यूए कार्यकारिणी के खिलाफ जिला रजिस्ट्रार के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर एक एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया गया था, जिसे बैठक के दौरान दोनों पक्षों की बात सुननी थी। बैठक में मौजूद एडमिनिस्ट्रेटर एवं चुनाव अधिकारी पी.के. बंसल ने स्पष्ट किया कि मामला फिलहाल रजिस्ट्रार जनरल के पास विचाराधीन है, इसलिए वह किसी प्रकार का हैंडओवर लेने की स्थिति में नहीं हैं। यह कहकर वह बैठक से रवाना हो गए।
नई आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष शेखर तनेजा ने दावा किया कि 29 मई 2026 को सोसायटी एक्ट के नियमों के तहत विधिवत चुनाव कराए गए थे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणामों को ऑनलाइन भी अपलोड किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा की गई शिकायतों के कारण नई कार्यकारिणी को अब तक औपचारिक मंजूरी नहीं मिल सकी है। उनका कहना है कि विरोध करने वाले कुछ लोग सोसायटी के सदस्य भी नहीं हैं और वे विकास कार्यों में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं।
वहीं नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके कार्यभार संभालने के बाद आरडब्ल्यूए की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और संस्था के संसाधनों में भी बढ़ोतरी हुई है। ज्वाइंट सेक्रेटरी मनजीत सिंह ने आरोप लगाया कि पूर्व पदाधिकारी लगातार शिकायतें कर नई टीम के कामकाज को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
इस विवाद का असर अब कॉलोनी के विकास कार्यों पर भी पड़ने लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से सुरक्षा व्यवस्था, सफाई, मेंटेनेंस और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। रेजिडेंट्स ने प्रशासन और राज्य रजिस्ट्रार से मामले में जल्द निष्पक्ष निर्णय लेने की मांग की है, ताकि कॉलोनी में सामान्य व्यवस्था बहाल हो सके और विकास कार्यों को गति मिल सके।
फिलहाल मामला रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष लंबित है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि पालम विहार जे-ब्लॉक की आरडब्ल्यूए का वैध नेतृत्व किसके हाथ में रहेगा।







