Gurugram, 23 April-केंद्रीय कोयला, खान और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आज गुरुग्राम स्थित राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (National Institute of Solar Energy) में सोलर पीवी मॉड्यूल परीक्षण सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के दृष्टिकोण और लक्ष्यों को साझा किया।
प्रह्लाद जोशी ने बताया कि भारत सरकार ने 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 292 गीगावाट सौर ऊर्जा से प्राप्त किया जाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार हर वर्ष 50 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ने का प्रयास कर रही है।उन्होंने बताया कि वर्तमान में 40 गीगावाट की कंपोजिट रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर राज्यों के साथ PPA (बिजली खरीद समझौते) पर चर्चा चल रही है।
जोशी ने यह भी कहा कि 2032 तक बिजली की अधिकतम मांग दोगुनी हो सकती है। 2024 में यह मांग 250 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, और 2025 की गर्मियों में इसके 270 गीगावाट तक पहुंचने की संभावना है।उन्होंने प्रधानमंत्री की प्रमुख योजना ‘सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का भी उल्लेख किया, जिसके तहत 12 लाख घरों में सौर ऊर्जा प्रणाली लगाई जा चुकी है।मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश में सौर ऊर्जा की कंपोजिट क्षमता में तीव्र वृद्धि की जाए, जिससे भारत नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सके।







