अनुज पांचाल , गुरुग्राम | राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और दान विवाद को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच गुरुग्राम में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने संत समाज और राम भक्तों के सम्मान में सद्बुद्धि हवन का आयोजन किया। विश्व हिंदू परिषद जिला गुरुग्राम की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में संतों के सम्मान, सनातन परंपरा की गरिमा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामलों को संत समाज के प्रति द्वेष या अपमान के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। हवन के माध्यम से प्रार्थना की गई कि समाज में भ्रम फैलाने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले लोगों को सद्बुद्धि प्राप्त हो।
विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र तंवर ने कहा कि सनातन परंपरा में संत समाज का विशेष स्थान है और उनके प्रति सम्मान बनाए रखना प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर कुछ राजनीतिक दल और नेता धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करते रहे हैं, जिससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत होती हैं।
उन्होंने संसद परिसर में राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र धारण करने के मामले पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनका कहना था कि भगवा वस्त्र केवल एक रंग नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, त्याग और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक हैं। ऐसे प्रतीकों का राजनीतिक विरोध या प्रदर्शन के लिए उपयोग उचित नहीं माना जा सकता।
विश्व हिंदू परिषद वाहिनी की प्रतिनिधि अमिता पाठक ने कहा कि संत समाज सनातन धर्म की आधारशिला है और उनके सम्मान की रक्षा करना सभी श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देना है कि धार्मिक आस्थाओं और संतों के सम्मान को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने सनातन धर्म की गरिमा बनाए रखने, संत समाज के प्रति सम्मान बढ़ाने और समाज में सद्भाव एवं एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। VHP पदाधिकारियों ने कहा कि राम भक्तों और संत समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर संगठन आगे भी अपनी आवाज उठाता रहेगा और समाज को जागरूक करने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
हवन यज्ञ के समापन पर उपस्थित लोगों ने राष्ट्र और समाज की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की तथा सनातन मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का आह्वान किया।







