झज्जर। झज्जर जिले के मातनहेल निवासी लेक्चरर विकास दहिया का शव करीब 60 घंटे बाद अकहेड़ी मदनपुर हेड पर नहर में लगे जाल में फंसा हुआ बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। वहीं, मामले की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, विकास दहिया शनिवार देर रात बिना किसी को बताए अपने घर से निकल गए थे। रविवार सुबह उनकी कार मातनहेल स्थित जेएलएन नहर के पास लावारिस हालत में खड़ी मिली थी। कार मिलने के बाद परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर व्यापक स्तर पर तलाश अभियान शुरू किया।
विकास की तलाश के लिए पिछले दो दिनों से एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार नहर और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चला रही थीं। गोताखोरों की मदद से नहर में कई स्थानों पर खोजबीन की गई। इस दौरान जिला उपायुक्त (डीसी) और एसडीएम ने भी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
लगातार चल रहे सर्च अभियान के दौरान आखिरकार अकहेड़ी मदनपुर हेड पर नहर में लगे जाल में विकास दहिया का शव फंसा हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया।
विकास के लापता होने के बाद से ही उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। परिजन और रिश्तेदार हर संभव स्थान पर उनकी तलाश में जुटे हुए थे। शव मिलने की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिजनों ने बताया कि विकास पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हालांकि उन्होंने अपनी परेशानी के बारे में किसी से खुलकर चर्चा नहीं की थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।







