सोनीपत | दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा यमुना नदी के पानी में हरियाणा में जहर मिलाने के बयान को लेकर दायर याचिका की सुनवाई बुधवार को जिला न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से पुरानी मांग दोहराई गई और केस को विशेष न्यायालय में स्थानांतरित करने की पुनः अपील की गई।
सरकारी अधिवक्ता ने तर्क दिया कि केजरीवाल वर्तमान में न सांसद हैं और न विधायक, इसलिए विशेष न्यायालय की मांग उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा में ऐसी कोई विशेष अदालत (स्पेशल कोर्ट) मौजूद नहीं है। अब तक इस मामले की चार बार सुनवाई हो चुकी है, लेकिन केजरीवाल स्वयं एक बार भी अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
केजरीवाल के वकीलों ने ऑब्जेक्शन एप्लीकेशन दायर की है, जिसका जवाब सरकारी पक्ष द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। सरकारी अधिवक्ता प्रदीप कौशिक ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 20 मई निर्धारित की है।
यह याचिका राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के राई जल सेवा प्रभाग के कार्यकारी अभियंता आशीष कौशिक द्वारा सोनीपत की अदालत में दायर की गई थी।





