गुरुग्राम | हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह अचानक गुरुग्राम स्थित साइबर क्राइम थाने पहुंचे। डीजीपी निजी कार से थाने पहुंचे, लेकिन गेट पर मौजूद सिपाही उन्हें पहचान नहीं पाया और पूछा कि आप यहां किस उद्देश्य से आए हैं।
डीजीपी ने हंसते हुए बताया कि उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” से संबंधित एक शिकायत दर्ज करवानी है। इस पर गेट पर खड़े सिपाही ने उन्हें सेकेंड फ्लोर पर कमरे नंबर 24 जाने को कहा।
जैसे ही ओपी सिंह कमरे में पहुंचे, वहां 4-5 लोग मौजूद थे, जिनमें कुछ शिकायतकर्ता भी शामिल थे। कमरे में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी तैनात था। डीजीपी ने अंदर कदम रखते ही पूछा, “यहां ड्यूटी अफसर कौन है?”
डीजीपी को देखकर वहां खड़ा पुलिसकर्मी सावधान मुद्रा में खड़ा हो गया, लेकिन जैसे ही उसने ओपी सिंह को पहचाना, उसने कहा, “जी सर, अब पहचान गए।”
डीजीपी ने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी, “पहचान गए मुझे!” यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी है, क्योंकि इससे पता चलता है कि डिजिटल शिकायतें दर्ज कराने में कभी-कभी पुलिसकर्मी भी सबसे बड़े अधिकारी को तुरंत पहचान नहीं पाते।







