यमुनानगर। जिले में सर्दी ने आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। शनिवार सुबह यमुनानगर में इस सीजन की पहली घनी धुंध छाई, जिसने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर में ढक दिया। धुंध के कारण हाईवे और प्रमुख सड़कों पर विजिबिलिटी अत्यंत कम रही, जिससे वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा और कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति भी बनी।
सुबह की ठंड और नमी ने बढ़ाई सर्दी
सुबह तापमान में गिरावट और हवा में बढ़ी नमी ने लोगों को ठंड का एहसास कराया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जाने की संभावना है। धुंध के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही धुंध
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह धुंध किसानों के लिए लाभदायक है। धुंध के कारण बनने वाली नमी रबी फसलों—विशेषकर गेहूं, चना और सरसों—के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है। इससे मिट्टी में नमी बरकरार रहती है और फसल विकास में मदद मिलती है।
प्रदूषण स्तर में मामूली गिरावट
धुंध और नमी के चलते हवा में मौजूद प्रदूषक कण नीचे बैठ जाते हैं, जिससे प्रदूषण स्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार यह सुधार अस्थायी है और तापमान में कमी के साथ स्मॉग बढ़ने की संभावना भी रहती है।
सर्दी की शांत शुरुआत
कुल मिलाकर, यमुनानगर में पड़ी पहली घनी धुंध ने जहां लोगों को सर्दियों की शांत और ठंडी सुबह का एहसास कराया, वहीं दूसरी ओर यह किसानों के लिए राहत की खबर भी लेकर आई है।







