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दो सगी बहनों के साथ घरेलू अत्याचार की कहानी, एक को छोड़ा, दूसरी को ICU तक पहुंचाया

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पलवल | जिले के औरंगाबाद गांव से दो सगी बहनों के साथ हुए घरेलू अत्याचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक बहन को पति ने उसकी चार बेटियों सहित छोड़ दिया, जबकि दूसरी को पति ने इस कदर पीटा कि उसे ICU में भर्ती कराना पड़ा। मामला सामने आने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पीड़िताएं न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं।

13 साल पहले हुई थी दोनों बहनों की शादी

यह मामला मेवात जिले के किरा गांव की रहने वाली बहनों राजबती और रचना से जुड़ा है, जिनकी शादी 13 साल पहले औरंगाबाद गांव के सगे भाइयों बेदपाल और सतपाल से हुई थी। राजबती की चार बेटियां हैं, जबकि रचना के दो बेटियां और एक बेटा है।

कुछ समय पहले राजबती के पति बेदपाल का किसी अन्य महिला से प्रेम संबंध हो गया। उसने अपनी पत्नी और चार बेटियों को छोड़कर दूसरी शादी कर ली और अलग रहने लगा। राजबती ने महिला आयोग और पुलिस के पास शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

विरोध करने पर बहन को पीटा

जब राजबती ने पति के खिलाफ न्याय की मांग की तो उसने अपने छोटे भाई सतपाल को मामले को संभालने को कहा। लेकिन जब रचना ने भी इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, तो सतपाल ने उस पर बर्बर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के चलते उसे कई दिनों तक आईसीयू में भर्ती रहना पड़ा।

राजबती का आरोप—अब रचना को छोड़ने की साजिश

राजबती का आरोप है कि बेदपाल अब अपने भाई सतपाल की भी दूसरी शादी करवाना चाहता है और इसी कारण सतपाल लगातार रचना को प्रताड़ित कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बेदपाल और सतपाल के दादा स्वयं इस अत्याचार को स्वीकार कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई से दूरी बना रही है।

राजबती की आत्महत्या की चेतावनी

बताया जा रहा है कि बेदपाल गांव के स्कूल में प्रिंसिपल है। उसने जिस युवती से दूसरी शादी की, वह पहले उसी स्कूल की छात्रा थी। बाद में उसे स्कूल में ही नौकरी मिल गई और वहीं से दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हुए।

राजबती ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द इंसाफ नहीं मिला, तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होगी।

अब देखना होगा कि प्रशासन और कानून व्यवस्था इस मामले में कब और कैसे कार्रवाई करती है, या फिर एक और पीड़िता न्याय की आस में यूं ही भटकती रह जाएगी।

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