चंडीगढ़ | हरियाणा की सैनी सरकार ने राज्य में बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) सूची की समीक्षा के बाद 2.75 लाख राशन कार्ड धारकों को सूची से बाहर कर दिया है। अप्रैल 2025 तक राज्य में BPL कार्डधारकों की संख्या 51.97 लाख थी, जो अब घटकर 49.22 लाख रह गई है। यह करीब 5% की कटौती है।
सूत्रों के अनुसार, हालिया सत्यापन के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में कार्डधारक लंबे समय से राशन लेने नहीं आ रहे थे या पात्रता मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। ऐसे में सरकार ने इन अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाने का फैसला लिया।
12 लाख से अधिक लोगों की हुई जांच
एक माह तक चले इस व्यापक सत्यापन अभियान में करीब 12 लाख लोगों के रिकॉर्ड की जांच की गई। इसमें पाया गया कि कई परिवार बिना ज़रूरत के बीपीएल सूची में शामिल थे और सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा रहे थे।
प्रति व्यक्ति आय बनाम BPL आंकड़े पर उठे सवाल
हरियाणा में प्रति व्यक्ति आय 2023-24 में लगभग ₹2.96 लाख आंकी गई है, इसके बावजूद राज्य की 70% आबादी BPL के दायरे में दर्ज थी — इस विसंगति पर सवाल उठे, जिसके बाद यह जांच शुरू की गई।
जिलावार हटाए गए कार्डधारक:
- फरीदाबाद: 18,200
- हिसार: 16,776
- करनाल: 15,026
- सिरसा: 15,369
खाद्य आपूर्ति विभाग का स्पष्टीकरण
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अमित शेखावत ने बताया कि राशन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी नागरिक संसाधन सूचना विभाग की है, जबकि वितरण का कार्य खाद्य विभाग करता है। उन्होंने बताया कि ₹1.80 लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवार स्वतः BPL श्रेणी में आते हैं।
कटौती से प्रभावित होंगे कई लाभ:
BPL सूची से हटाए गए लोगों को अब न केवल सस्ते राशन से वंचित होना पड़ेगा, बल्कि उन्हें गैस सब्सिडी, रोडवेज की मुफ़्त यात्रा, और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल सकेगा।







