सोहना | रोजका मेव में बन रहा 220 केवी बिजली सब स्टेशन अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसे अगले पांच महीनों के भीतर चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सब स्टेशन के शुरू होते ही सोहना शहर, रोजका मेव औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के करीब 60 गांवों को बिजली संकट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अब तक उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, जो नए सब स्टेशन के शुरू होते ही काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।
40 वर्षों से जूझते रहे बिजली संकट से
रोजका मेव और इसके आसपास के लोग चार दशक से बिजली की अनियमित आपूर्ति से परेशान हैं। यहां पहले केवल 66 केवी का पावर हाउस था, जिससे औद्योगिक क्षेत्र को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही थी। इसके चलते लगभग 70 औद्योगिक इकाइयों ने पलायन कर लिया। बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए 40 किलोमीटर दूर पचगांव पावर हाउस से आपूर्ति की जा रही थी, जिससे ओवरलोडिंग और देरी जैसी दिक्कतें बढ़ गईं।
उद्योगों के लिए राहत की उम्मीद
1984 में जब रोजका मेव औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हुई थी, तब सरकार ने उद्योगपतियों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का वादा किया था। लेकिन व्यवस्था की कमी और ढांचागत समस्याओं के चलते यह संभव नहीं हो पाया। अब नए 220 केवी सब स्टेशन से इस वादे को पूरा करने की दिशा में उम्मीद जगी है।
बिजली निगम अधिकारी ने दी जानकारी
बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी मुकेश गौड़ ने बताया कि मौजूदा समय में बिजली की आपूर्ति पचगांव पावर हाउस से की जा रही है, लेकिन दूरी अधिक होने से समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा, “लाइन में फॉल्ट आने पर ठीक करने में दो घंटे तक लग जाते हैं। आपूर्ति और मांग में अंतर के कारण कटौती करनी पड़ती है। लेकिन अब रोजका मेव में नया सब स्टेशन लगभग तैयार है और इसके शुरू होने के बाद इलाके में बिजली संकट काफी हद तक खत्म हो जाएगा।







