Kaithal, 10 April- खंड के खानपुर गांव की पंचायत ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की है। प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती फीस और सुविधाओं की होड़ से अलग, अब पूरा गांव मिलकर सरकारी स्कूलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए संकल्पित हो गया है.यह पहल केवल सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी स्कूलों को शिक्षा के नए आयाम देने की दिशा में भी एक कदम है। पंचायत और ग्रामीणों ने मिलकर न केवल बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों में करवाने का फैसला किया, बल्कि स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी कदम उठाए है। शिक्षकों की भागीदारी, स्मार्ट क्लासरूम, साफ-सफाई, और आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा
जागरूकता रैली निकाल लिया संकल्प
गांव खानपुर के सरकारी स्कूल में दाखिले को लेकर जागरूकता रैली निकालते छात्रों ने संकल्प लिया कि अब ग्रामीण अपने बच्चों को निजी स्कूलों के बजाय गांव के सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे। इस कदम से खानपुर पंचायत ने पूरे प्रदेश को एक नई दिशा दिखाई है।गांव के गण्यमान्य लोगों का कहना है कि यह पहल केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।अगर अन्य गांव भी इस मॉडल को अपनाएं तो सरकारी स्कूल शिक्षा सुधार में क्रांति ला सकते हैं। सरकारी स्कूलों को लेकर बनी धारणा को बदलने का यह प्रयास निश्चित रूप से एक मिसाल बनेगा।
सरपंच अमनदीप सैनी का कहना है कि जब पूरा गांव एक साथ किसी बदलाव के लिए आगे आता है तो नतीजे भी सकारात्मक होते हैं। सरकारी स्कूल में दाखिला बढ़ने से स्कूल का दर्जा भी उन्नत होगा और सरकार भी अधिक संसाधन मुहैया कराएगी। पंचायत और स्कूल प्रबंधन समिति की सक्रियता भी गांव के सरकारी स्कूलों को सशक्त बनाने में योगदान करेगा।पढ़ाएं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहयोग करें तो सरकारी स्कूल किसी भी निजी संस्थान से कम नहीं रहेंगे। इस सोच को बढ़ावा देने के लिए पूरे गांव में रैली निकाली गई, जिसमें बच्चों और शिक्षकों ने मिलकर अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की शिक्षा की और आकर्षित किया।







