करनाल, 15 मार्च-स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण से वंचित बच्चों एवं गर्भवतियों के लिए विशेष अभियान चलाएगा। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने रूप रेखा तैयार कर ली है। यह टीकाकरण अभियान 17 मार्च से शुरू होगा और एक सप्ताह तक चलेगा। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू किए जाने वाले साप्ताहिक टीकाकरण अभियान में उन स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां पर पिछले महीनों में किन्हीं कारणों से टीकाकरण नहीं चलाया जा सका था। शिविर में बच्चों को मीजल और रूबेला से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे। इसके अलावा इस विशेष अभियान में बच्चों को केंद्र सरकार के यूविन पोर्टल पर भी अपलोड किया जाएगा। इससे बच्चे के अभिभावक को एक यूनीक आईडी नंबर दिया जाएगा। उसके जरिये बच्चों के अभिभावक वैक्सीन सर्टिफिकेट भी यूविन पोर्टल पर जाकर डाउनलोड कर सकेंगे।
चार से पांच प्रतिशत रह जाते हैं टीकाकारण से
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जाने वाले टीकाकरण अभियान में 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों को कवर किया जाता है। इसके बाद चार से पांच प्रतिशत बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। इस विशेष अभियान में बच्चों एवं गर्भवतियों का टीकाकरण किया जाएगा। यह टीकाकरण गर्भवती के गर्भ में पल रहे बच्चे एवं गर्भवती दोनों की कई तरह की बीमारियों से रक्षा करता है। यह टीकाकरण जिले के सभी अस्पतालों सहित 317 स्वास्थ्य केंद्रों किया जाएगा।
इस अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. अभय अग्रवाल ने बताया कि बच्चों एवं गर्भवतियों को बीमारियों से बचाने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान पूरे हरियाणा में चलाया जाएगा। इसे लेकर सभी तैयारियां एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कर लिया गया है। प्रत्येक बच्चे को टीकाकरण के दायरे लाना ही इस अभियान का लक्ष्य है।इस विशेष अभियान के दौरान बच्चों को पोलियो, निमोनिया, टीबी, हेपेटाइटिस-बी, टिटेनस, मिनेनजाइटिस, गलघोंटू, खसरा, रूबेला, रोटावायरस और काली खांसी से बचाव के टीके लगाए जाएंगे।







