करनाल, 31 जनवरी -वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट संसद में पेश करेंगी. इस बजट से विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्मीद है, जो अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और आम जनता को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से की जा सकती हैं। वित्त मंत्री को अब तक मिले सुझावों और विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर बजट में कई प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
महिलाओं की बजट से अपेक्षाएं:
आज हरियाणा में महंगाई चरम पर है।महंगाई की वजह से महिलाओं को अपना घर का खर्चा चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज रसोई का बजट ही बिगड़ गया है, क्योंकि महंगाई बहुत ज्यादा हो गई है। महिलाओं का कहना है कि इस महंगाई से राहत देने के लिए सरकार को इस बजट में महंगाई पर कंट्रोल करने के लिए अच्छे कदम उठाने चाहिए।उन्होंने कहा कि आज के महंगाई के दौर में शिक्षा भी बहुत ज्यादा महंगी हो चुकी है अगर एक परिवार में दो बच्चे पढ़ने वाले है तो परिवार का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है. महिलाओं का कहना हैं कि सरकार से यही उम्मीद हैं कि रसोई मे इस्तेमाल होने वाली चीजें कम हो खासकर गैस का सिलेंडर, व खाने पीने की वस्तुएँ जिससे उन्हें राहत मिले ।
किसानों ने बजट में एमएसपी की मांग की:
किसानो ने कहा कि सरकार को सत्ता में 10 साल हो गए .उन्होंने 10 बजट अब तक पेश किए है। किसानों के लिए सरकार बड़े बड़े दावे करती है कि किसानों की आय दोगुनी करेंगे, लेकिन किसान अभी भी अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी MSP को लागू करने सहित कई मांगों को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन उस समय सरकार ने किसानों को लॉलीपॉप देकर एक बार तो वापस लौटा दिया था। अभी भी किसान अपनी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हो रहे हैं।किसान ने कहा कि सरकार किसानों की मांग को जल्द से जल्द पूरा करे ताकि किसान खुशहाल हो सके।
व्यपारियों की बजट से अपेक्षाएं:
वही आम दुकानदार का भी बजट को लेकर कहना हैं कि दुकानदारों को कुछ टैक्स मे भी राहत दी जाए क्योंकि टैक्स स्लैब बहुत ज्यादा हैं उसमे राहत मिले। उनका कहना हैं कि बजट मे आम लोगो को भी राहत मिलनी चाहिए । वित्त मंत्री माध्यम वर्ग को देखकर ही बजट बनाये।







