14 जनवरी,यमुनानगर— बिलासपुर कस्बे में अधिकारी और प्रदर्शनकारी किसान फिर आमने-सामने हो गए। किसान बिजली विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर और एसडीएम से बात करना चाहते थे लेकिन छोटे अधिकारियों को देखकर प्रदर्शनकारी किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।यमुनानगर के बिलासपुर कस्बे में अपनी 9 सूत्र मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप ने बिलासपुर पावर हाउस के अंदर दरी बिछाकर जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी सबसे बड़ी मांग थी कि घरों के बिजली मीटर बिना बताए काटे जा रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने धरना प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर और एसडीएम के सामने अपनी बात रखने की बात कही। लेकिन काफी देर तक जब उनकी बात को सुनने कोई नहीं पहुंचा तो उनका गुस्सा छोटे अधिकारियों पर फूट पड़ा।
एसडीएम ने आकर सुनी किसानों की मांगे
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि जब तक बड़े प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे तो हम किसी से बातचीत नहीं करेंगे और कुछ देर बाद रोड भी जाम करेंगे। इस दौरान मौके पर बिजली विभाग के एक्शऐन, बिलासपुर के डीएसपी और ड्यूटी मजिस्ट्रेट पहुंचे लेकिन किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों की कोई बात सिरे नहीं चढ़ी। जैसे ही किसान रोड जाम करने के लिए उठे तो तुरंत एसडीएम जसपाल गिल आए और उन्होंने किसानों की सभी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के बिजली मीटर बिना बताए नहीं काटे जाएंगे इसके अलावा गेहूं के सीजन तक किसान अपना बिजली का बिल भी भर सकता है। इसके अलावा भी किसानों ने कई मांग रखी जिन पर सभी पर सहमति बन गई। इस दौरान पावर हाउस छावनी में तब्दील हो गया और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रही।







