कुरुक्षेत्र, 17 दिसंबर –रात के समय हाड़ कंपकंपती ठंड में किसी बेघर या मजबूर व्यक्ति को रैन बसेरा दिख जाए तो उसकी खुशी का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन करीब जाने पर वही रैन बसेरा बंद मिले या फिर उसमें सुविधाओं का अभाव मिले तो उस पर क्या गुजरेगी इसे समझ पाना ही मुश्किल नहीं है। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का हाल भी ऐसा ही है। कहने को तो यहां रैन बसेरे दिखते हैं, लेकिन अधिकतर अव्यवस्था की भेंट चढ़े हुए हैं, इन्हें देखकर एक शायर की दो पंक्तियां सटीक लगती हैं- ‘ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ, हम अपने शहर में होते तो घर गए होते।’
ठंड से कपकपाते हुए बेसहारा लोग फुटपाथ पर सोते हुए नजर आए
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में भी अन्य इलाकों की तरह रात के समय ठंड जोरों पर है। ऐसी ठंड में अनेक गरीब, मजदूरों को रैन बसेरों की जरूरत होती है। कहने को तो जिला प्रसाशन ने बेघरों के लिए रैन बसेरे बना रखे है, लेकिन इनकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आज हमने जब इन रैन बसेरों का जायजा लिया। तो कहीं ताला मिला और कहीं अव्यवस्थाओं का बोलबाला मिला। कुरुक्षेत्र में ठंड से कपकपाते हुए कई लोग फुटपाथ पर और पार्क में सोते हुए नजर आए!बता दें कि कुरुक्षेत्र में ओवरब्रिज के नीचे स्थित रैन बसेरा हालांकि ऐसे जरूरतमंद लोगों की सुविधा के लिए खुला हुआ है। यहां चूहों ने बिस्तरों को काट खाया है। पानी निकासी की समस्या बरकरार है।वहीं सन्नीहित सरोवर के तट पर प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर स्थित पोर्टा केबिन में व्यवस्था ठीक नज़र आई।
पोर्टा केबिन रैन बसेरे की हालत भी बेहद खस्ता
इसके अलावा पुराने बस अड्डे के सामने रखें पोर्टा केबिन रैन बसेरे की हालत भी बेहद खस्ता नजर आ रही है। यहां केबिन जंग लगने की वजह से खराब हो चुका है। केबिन को फुटपाथ पर उल्टा करके रख दिया गया है जिसमें जाने का दरवाजा ग्रिल की तरफ से हो गया है। यह रेन बसेरा भी बंद पड़ा है। वहीं तीसरा पोर्टा केबिन तिरुपति बालाजी मंदिर के सामने रखा गया है। लेकिन यहां भी अभी तक रैन बसेरे को खोलना शुरू नहीं किया गया है।इस विषय को लेकर जिला नगर आयुक्त पंकज सेतिया का कहना है कि अगर कोई पोर्टा केबिन रेन बसेरा खस्ता हालत में है तो उसकी जगह नया केबिन खरीदा जाएगा ताकि राहगीरों को उसमें रुकने में कोई दिक्कत ना आए इसके अलावा जल्द ही बंद रैन बसेरों को खुलवा दिया जाएगा उनका कहना है कि राहगीरों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।







