25 अक्टूबर, करनाल– ये दिवाली स्वदेशी वाली’ कुछ इसी तर्ज पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन सेवा भारती ने दीपावली पर घरों को स्वदेशी रोशनी से जगमग करने का अभियान शुरू किया है। इसके तहत सेवा भारती संस्था ने करनाल में स्वदेशी लाइट, झालरें और LED बल्ब तैयार किए हैं। ये लाइट झालरें और बल्ब चाइनीज सामान की तुलना में अच्छी क्वालिटी का और सस्ता है।
करनाल की सेवा भारती संस्था से जुड़कर महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर
दीवाली हो या अन्य कोई त्योहार, देश के बाजारों में चाइनीज़ सामान की भरमार रहती है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर लोकल फ़ॉर वोकल का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। सेवा भारती ने लड़ियाँ बनाने का काम 2020 में शुरू किया था l दीपावली के लिए ये स्वदेशी लड़ियाँ बनाने का काम बस्ती और गांव की महिलाओं का एक समूह करता है। जिनकी संख्या आज 200 से अधिक हो गई है l ये महिलाएं सेवा भारती से सामान लेकर अपने घर चली जाती हैं और घर में 2 से 5 के समूह में इन लड़ियों को बनाने का काम करती हैं, फिर बनाकर इन्हे सेवा भारती में दे दिया जाता है l इन स्वदेशी लड़ियों की खास बात यह है कि ये लड़ियाँ चाइनीज़ लड़ियों की तुलना में अच्छी क्वालिटी की तो है ही ,बाजार में बिकने वाली लड़ियों की अपेक्षा सस्ती भी हैं.
लड़ियाँ बना रही ममता ने बताया कि पहले हमारे पास घर में काम करने के अलावा और कोई काम नहीं था लेकिन अब घर बैठे ही काम मिल गया और अपनी कमाई भी हो गई l इन लड़ियों को हम यहाँ भी बना सकते हैं और घर भी ले जा सकते हैं l लेकिन ज्यादा महिलाएं लड़ियाँ बनाने का सब सामान घर ही ले जाती हैं l उसने कहा कि पिछले बार से इस बार हमारे समूह ने दुगनी लड़ियाँ बनाई हैं ,और कमाई भी दुगनी हुई है l मैं लड़ियाँ बनाने का काम पिछले 4 साल से कर रही हूं.
महिलाओं द्वारा निर्मित लड़ियों से रोशन होगा अयोध्या का राम मंदिर
संस्था के व्यवस्था प्रमुख राममेहर ने बताया कि यहाँ आश्रम में लड़ियाँ बनाने का काम 2020 में शुरू हुआ था ,तब 10,000 लड़ियाँ बनी थी और लड़ियाँ बनाने वाली महिलाओं की संख्या 55 के करीब थी इस बार 25000 लड़ियाँ बनाने का लक्ष्य रखा है और लड़ियाँ बनाने वाली महिलाओं की संख्या 200 से अधिक पहुंच गई है l इन रंग बिरंगी लड़ियों में तिरंगा लड़ियों की सबसे ज्यादा डिमांड है l उन्होंने कहा कि हमें अपने त्योहार पर अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए और विदेशी सामान का बहिष्कार करना चाहिए ताकि हमारे देश में रोजगार बढ़ सके। राम मेहर ने बताया कि यहां बनाई गई लड़ियाँ न केवल पूरे हरियाणा में बल्कि दूसरे राज्यों में भी जाती है। खास बात यह है कि हमारी लड़ियों से इस बार अयोध्या का राम मंदिर भी रोशन होगा।
सेवा भारती आश्रम में लड़ियों का काम देख रहे सेवा भारती के प्रान्त कोषाध्यक्ष रोशनलाल गुप्ता ने कहा कि यहां आश्रम में आसपास की बस्ती और पास के ही कई गांवों की महिलाएं आकर लड़ियाँ बनाने का काम करती हैं l महिलाएं सामान अपने घर ले जाती है फिर बनाकर इन्हें यहाँ दे देती हैं l ये लड़ियाँ केवल निर्माण लागत पर बेचीं जा रही हैं ताकि लोग दिवाली पर स्वदेशी लड़ियाँ खरीदें और चाइनीज़ लड़ियों का बहिष्कार करें lसेवा भारती के संरक्षक ओमप्रकाश अत्रेजा ने बताया कि इस बार महिलाओं ने पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। समूह की महिलाएं लड़ियाँ बनाकर आर्थिक रूप से सक्षम हो रही है जिससे वो बहुत खुश हैं।







