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80 एकड़ में पौराणिक नामों से बनाए जा रहे ऑक्सी वन..पूर्वजों के नाम पर कर सकेंगे पौधारोपण

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करनाल : चन्द्रिका ( TSN)-बढ़ती आबादी के कारण आज विश्वभर में पेड़-पौधों की जगह कंक्रीट के जंगल खड़े हो रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग से वायु की गुणवत्ता खराब होती है इसलिए पेड़ों की बहुत आवश्यकता है। इसी के दृष्टिगत शहर में करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से आक्सी-वन मॉडल बनाया जा रहा है। प्रदेश सरकार की तरफ से यह करनाल वासियों के लिए अनूठा उपहार है।
मिलेगी शुद्ध वायु, ग्रीन टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
करनाल के जिला वन अधिकारी जयकुमार ने बताया कि आक्सी-वन सेक्टर-चार से लेकर मधुबन तक करीब 4.5 किलोमीटर लंबा व 200 फुट चौड़ा और  40 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जा रहा है। इसमें नौ प्रकार के वन विकसित किए जाएंगे। इनमें चित वन , पक्षी वन, ऋषि वन, नीर वन , तपो वन , सुगंध वन , अंतरिक्ष वन , आरोग्य वन तथा स्मृति वन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार है और जल्द ही इसे जनता को समर्पित किया जाएगा.ऑक्सी वन के बनने से यहां पर ग्रीन टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में लोग यहां सैर करने आएंगे साथ ही उन्हें पर्यावरण संरक्षण करने की प्रेरणा भी मिलेगी।
जय कुमार ने कहा कि सभी वनों में विभिन्न प्रकार के फल-फूल, छायादार और  आरोग्य औषधी के पौधे रोपित किए जाएंगे। यहां सूचना केंद्र और स्मारिका की दुकान होगी। इसके अलावा एम्फी थियटर का निर्माण भी किया जाएगा।उन्होंने बताया कि चित वन में विभिन्न मौसमों में खिलने वाले कचनार, अमल्तास, सीमल , सीता अशोक , लाल गुलमोहर व पैशन फ्लावर, जैसे सजावटी और फूल वाले पौधे लगाए जाएंगे। पाखी वन में पीपल, बरगद, पिलखन, नीम आदि के पौधे होंगे, आंतरिक्ष वन में विभिन्न राशिफल व ग्रहों के प्रतीक पलाश ,ढाक , कटहल गुल्लर, आवंला, कृष्णा नील, चैम्पा, खैर व बेल पत्थर जैसे पौधे होंगे। इसी प्रकार आरोग्य वन में औषधीय पौधे होंगे। जिला वन अधिकारी ने कहा कि स्मृति वन में लोग अपने पूर्वजों की याद में पौधारोपण कर सकेंगे. इससे न केवल पर्यावरण शुद्ध होगा साथ ही उनके पूर्वजों की स्मृति भी चिरकाल तक बनी रहेगी.

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