करनाल : चन्द्रिका ( TSN)- ग्रामीण क्षेत्र से भी अब महिलाएं ड्रोन पायलट बनकर आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करते हुए नजर आ रही है, ऐसा ही करनाल के गांव कतलाहेडी में देखने को मिला है जो अब ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाएगी । गांव की रहने वाली सीता देवी ने तमाम चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग ली। राज्य सरकार ने भी महिला के हौंसलें और लग्न को देखते हुए एक ड्रोन उपलब्ध करवाया है ताकि ड्रोनी दीदी दूसरी महिलाओं के लिए प्ररेणा के तौर पर उभर सकें ।
ड्रोन दीदी सीता ने बताया…कैसे लिया ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण
ड्रोन दीदी सीता ने बताया कि वे महिला सहायता समूह से जुड़ी है, उनके ग्रुप का नाम विश्वास सेल्फ ग्रुप है। उनके पास हरियाणा विज्ञान केंद्र से मैसेज आया था कि कोई महिला ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण लेना चाहती है तो उसे सरकार की ओर से फ्री ड्रोन उड़ाना सीखाया जाएगा, साथ ही एक ड्रोन फ्री में सरकार की ओर से दिया जाएगा। मैसेज आने के बाद ड्रोन विशेषज्ञों से पूरी जानकारी हासिल की गई। इसके बाद बताया गया कि उसे ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग लेने के लिए पासपोर्ट बनाना होगा। उसने पासपोर्ट बनवाने के बाद अप्लाई किया। इसके बाद उसका इंट्रव्यू हुआ, जिसमें उसका सलेक्शन हो गया। गुड़गांव में जाकर 15 दिनों की ट्रेनिंग पूरी की और सरकार की ओर से एक ड्रोन दिया गया ।ड्रोन दीदी सीता ने बताया कि उनके समक्ष काफी चुनौतियां आई, इन चुनौतियों से निपटते हुए ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग पूरी कर पाई। इस काम में उसे परिवार का पूरा सहयोग मिला। जो उनके लिए हौंसला बढ़ाने वाला साबित हुआ। उन्होंने कहा कि महिला होकर परिवार से बाहर जाना, बहुत बड़ी चुनौती सामने थी।उन्होंने कहा कि सभी चुनौतियों से निपटने के बाद उसका लक्ष्य है कि वे अच्छा काम करें और आर्थिक उन्नित की ओर बढ़ें। दूसरी महिलाओं को भी घरों से बाहर निकलकर अपना काम करना होगा, सरकार द्वारा महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई हुई है। जिसका उन्हें फायदा उठाना चाहिए।







