अम्बाला (अंकुर कपूर): एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य की हत्या की साजिश से आए नकाबपोशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि नकाबपोशों ने वीरेश शांडिल्य पर हमला भी किया। लेकिन वह बाल-बाल बचे। दरअसल पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने खालिस्तान व कौमी इंसाफ मोर्चा के खिलाफ ज्ञापन देने का समय दिया था। अगर वीरेश शांडिल्य 4 फरवरी को अपने दफ्तर अम्बाला शहर पालिका विहार होते तो उनकी नकाबपोशों द्वारा हत्या करना तय था। पुलिस ने एसएचओ राम कुमार के नेतृत्व में नकाबपोश 2 आरोपियों जिनकी पहचान मनजिंद सिंह उर्फ मन्नी पुत्र जसबेग सिंह व प्रवीन चौहान पुत्र राजपाल को गिरफ्तार कर लिया है।
वीरेश शांडिल्य ने जज रवनीत कौर से कहा कि ऐसे लोग समाज में कोरोना से भी खतरनाक हैं जो पैसे लेकर हत्या करवाते हैं। वीरेश शांडिल्य ने अदालत को बताया कि वह लगातार पुलिस को हमले की आशंका बता रहे थे लेकिन पुलिस ने उस पर गंभीरता नहीं दिखाई। वीरेश ने कहा कि आरोपियों का वकील कह रहा है कोई बरामदगी नहीं है। यह मामला मेरी हत्या का था और पुलिस ने अभी गाड़ी बरामद करनी है।
वीरेश शांडिल्य ने जज रवनीत कौर एक एप्लीकेशन अपनी सुरक्षा के लिए दी और दूसरा एप्लीकेशन में कहा कि जांच अधिकारी को आदेश दिए जाएं कि दोनों आरोपियों का इतिहास क्या है, वो पेश किया जाएं। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि अगर मामले की जांच सीआईए स्टाफ भी करें तो रिमांड के दौरान कई सनसनी खुलासे वीरेश शांडिल्य की हत्या को लेकर हो सकते हैं। हमलावर किन गैंगस्टरों के संपर्क में है पता चल सकता है।







