फरीदाबाद (अकुंर कपूर): इन दिनों फरीदाबाद में और उसके आसपास की हवा बेहद जहरीली हो चुकी है। फरीदाबाद में अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स की बात करें तो उसका aqi लेबल 550 है जो खतरे के निशान से पार है। ऐसे में यह बिगड़ता AQI लेबल पहले से बीमार लोगों के लिए जहां जानलेवा साबित हो रहा है तो वहीं इसका असर आम लोगों की हर एक सांस पर पड़ रहा है। जिसके चलते कई प्रकार की बीमारियां उन्हें घेर रही हैं।

बता दें कि हरियाणा सरकार लगातार पराली जलाने और दीपावली पर बम पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाती है ताकि फरीदाबाद और उसके आसपास की एयर क्वालिटी बिगड़ने ना पाए। लेकिन फरीदाबाद से आई इन तस्वीरों में आप साफ तौर से देख सकते हैं कि औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की फैक्ट्रियों की चिमनी से निकलता यह धुंआ सीधे-सीधे जहर उगल रहा है। यह तस्वीरें फरीदाबाद के सेक्टर 24 स्थित किरण पैकेजिंग कंपनी की जहां पर कंपनी की चिमनी लगातार हवा में जहर घोलने का काम कर रही है। यह स्थिति तो तब है जब कंपनी से महज 10 कदम की दूरी पर फरीदाबाद मुजेसर एसीपी का कार्यालय है लेकिन बावजूद इसके चिमनी के जहर उगलने का सिलसिला आज भी जारी है।
यह तो फरीदाबाद की एक फैक्ट्री का नजारा है ऐसी फरीदाबाद में ना जाने कितनी तमाम फैक्ट्रियां हैं जो लगातार इसी प्रकार से जहर उगलने का काम कर रही है। इस मामले में जब बच्चों के डॉक्टर विकास गोयल से बात की गई तो उन्होंने फरीदाबाद में लगातार बिगड़ रहे AQI लेबल के चलते छोटे बच्चों के बीमार होने और इसके लक्षण के बारे में बात करते हुए बताया कि इसके चलते छोटे बच्चों में सांस लेने की दिक्कत होना नाक बहना नाक की एलर्जी होना, खांसी जुखाम होना और उसके साथ-साथ बच्चों में उल्टी होने की शिकायत भी सामने आ रही है।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले तो बच्चों को इस बढ़ते स्मॉग से बचाना है, अगर जरूरी ना हो तो बच्चों को घर के बाहर लेकर ना निकले ज्यादातर समय घर में ही बिताए, स्मोग से होने वाले खतरे से बचने के लिए बच्चे की स्किन को टिशू या किसी साफ कपड़े से पोंछते रहें। ताकि उन्हें स्किन सम्बन्धी बीमारी से बचाया जा सके। फरीदाबाद में लगातार जहर घोलने वाली कंपनियों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।







