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गुरुग्राम में छठ पूजा की तैयारियां शुरू, कई स्थानों पर बनेंगे स्थायी और अस्थायी घाट

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बादशाहपुर। आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता के प्रतीक छठ महापर्व को लेकर गुरुग्राम में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूर्वांचल और बिहार मूल के लोगों के प्रमुख त्योहार को सामूहिक रूप से मनाने के लिए शहर के विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने छठ घाटों की व्यवस्था शुरू कर दी है। कई स्थानों पर पहले से बने स्थायी घाटों की मरम्मत और साफ-सफाई का काम चल रहा है, जबकि अन्य जगहों पर अस्थायी घाट तैयार किए जा रहे हैं। इन घाटों पर श्रद्धालु एकत्र होकर विधि-विधान से सूर्य देव को अर्घ्य देंगे।

रेयान एनक्लेव में छठ पूजा समिति की ओर से पक्के घाट को तैयार कराया जा रहा है। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार घाट पर टाइल्स लगाने सहित अन्य निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए हैं। पूजा से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि व्रतियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

भूमिजा मैथिली मंच की ओर से मारुति कुंज स्थित विद्यापति भवन परिसर में छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा। यहां विद्यापति भवन का निर्माण कार्य जारी है। इसी परिसर में लगातार तीसरी बार छठ महापर्व का आयोजन किया जाएगा। आयोजन के लिए निर्माण स्थल पर ही छठ घाट तैयार किया जाएगा।

गुरुग्राम में छठ पूजा के लिए कई प्रमुख स्थानों पर घाट बनाए जाते हैं। इनमें लेबर चौक सेक्टर-पांच, न्यू पालम विहार, शक्ति पार्क, सूरत नगर फेज-दो, कादीपुर सामुदायिक भवन सेक्टर-10, सरस्वती एन्क्लेव, बसई तालाब, चकरपुर गांव, शीतला माता मंदिर परिसर, ओम विहार, राजेंद्र पार्क, कन्हई गांव, देवीलाल कॉलोनी और सेक्टर-15 पार्ट-दो शामिल हैं। इन स्थानों पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा शहर की विभिन्न आवासीय कॉलोनियों में भी स्थानीय स्तर पर अस्थायी घाट बनाकर सामूहिक रूप से पूजा की जाती है।

छठ महापर्व के अवसर पर गुरुग्राम में रहने वाले पूर्वांचल समाज के लोगों को अपने गृह राज्यों में पहुंचने के लिए परिवहन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए भाजपा पूर्वांचल प्रकोष्ठ के जिला संयोजक राघवेंद्र सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से विशेष ट्रेनें चलाने की मांग की है। राघवेंद्र सिंह के अनुसार गुरुग्राम में पूर्वांचल, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के करीब छह लाख लोग रहते हैं। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को लौटते हैं, जिससे ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। वहीं, हवाई टिकटों के दाम भी बढ़कर 40 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। उन्होंने गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के प्रमुख शहरों के लिए सीधी विशेष ट्रेनें चलाने की मांग की है, ताकि लोगों को त्योहार पर घर पहुंचने में आसानी हो सके।

रेयान एनक्लेव छठ पूजा समिति के अध्यक्ष अरुण कुशवाहा ने बताया कि पूजा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पक्के छठ घाट पर टाइल्स लगाने सहित अन्य जरूरी कार्य कराए जा रहे हैं। प्रयास है कि पूजा से पहले घाट पूरी तरह तैयार हो जाए, जिससे व्रतियों और श्रद्धालुओं को अर्घ्य देने में कोई परेशानी न हो।

पाटलिपुत्र सांस्कृतिक चेतना मंच के संरक्षक बीएन लाल ने कहा कि छठ पूजा आस्था, संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। मंच की ओर से हर वर्ष सामूहिक रूप से इसका आयोजन किया जाता है। इस बार भी श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही हैं।

जन सेवा सांस्कृतिक एवं चेतना मंच के अध्यक्ष रणधीर राय ने बताया कि घाटों की साफ-सफाई, रोशनी और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छठ पूजा ऐसा पर्व है, जिसे समाज के सभी वर्गों के लोग मिलकर मनाते हैं और इसमें आपसी सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

भूमिजा मैथिली मंच के अध्यक्ष महावीर मिश्रा ने कहा कि मारुति कुंज स्थित विद्यापति भवन परिसर में तीसरी बार छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा। भवन का निर्माण कार्य चल रहा है और इसी परिसर में श्रद्धालुओं के लिए छठ घाट तैयार किया जाएगा।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश पटेल ने कहा कि छठ पूजा धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकता और आपसी सहयोग का भी प्रतीक है। इस पर्व पर सभी लोग मिलकर घाटों की व्यवस्था करते हैं और सामूहिक रूप से पूजा में भाग लेते हैं।

सरस्वती एन्क्लेव में भी हर साल सामूहिक रूप से छठ पूजा का आयोजन किया जाता है। इस बार भी घाट तैयार करने और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर काम शुरू किया जा रहा है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

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