कुरुक्षेत्र। अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे नगर निकाय के सफाई कर्मचारियों ने अब शहर में जमा कूड़े के ढेरों की रातभर निगरानी शुरू कर दी है। कर्मचारियों को आशंका है कि प्रशासन उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर रात के समय वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कचरा उठवा सकता है। इसी के चलते कर्मचारी शहर के अलग-अलग हिस्सों में जमा कचरे के पास पूरी रात तैनात रहे।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर के कई इलाकों में बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर बढ़ने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण दुर्गंध के साथ-साथ संक्रमण और बीमारियां फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। वहीं कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
कर्मचारियों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि प्रशासन रात के समय टिप्परों की मदद से शहर में जमा कचरा उठवाने की कोशिश कर सकता है। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर पहरा देना शुरू कर दिया। कर्मचारियों का दावा है कि कचरा उठाने के लिए टिप्परों को भेजने का प्रयास किया गया, लेकिन मौके पर मौजूद कर्मचारियों के विरोध के चलते यह कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
थानेसर इकाई के प्रधान सुनील लोहत ने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से जबरन कचरा उठवाने की कोशिश का कर्मचारी विरोध करेंगे।
सुनील लोहत ने बताया कि संगठन के राज्य स्तरीय नेता भी कुरुक्षेत्र पहुंच रहे हैं। उनके साथ चर्चा के बाद हड़ताल को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। माना जा रहा है कि राज्य स्तरीय नेताओं की बैठक के बाद आंदोलन को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
इधर, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने से शहर में कचरा प्रबंधन की समस्या गंभीर होती जा रही है। प्रशासन के सामने एक ओर शहर से कचरा उठाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के साथ गतिरोध समाप्त करने का दबाव बढ़ रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच स्थिति बनी हुई है और कर्मचारियों की नजर राज्य स्तरीय नेताओं के फैसले पर है।







