करनाल/राकेश कुमार शर्मा -:करनाल के घरौंडा में शनिवार देर रात धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से भरा कैंटर हाईटेंशन बिजली की तार की चपेट में आ गया। हादसे के बाद कैंटर में करंट दौड़ गया और आग लग गई। घटना में करीब 15 श्रद्धालु झुलस गए, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद करनाल ट्रामा सेंटर रेफर किया गया।
धार्मिक यात्रा के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार कैंटर में करीब 40 से 50 श्रद्धालु सवार थे और सभी राजस्थान के बागड़ धाम की धार्मिक यात्रा पर जा रहे थे। घरौंडा के वार्ड नंबर-15 में गंदे नाले के पास कैंटर कुछ देर के लिए खड़ा किया गया था। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तार कैंटर के संपर्क में आ गई।
तार छूते ही दौड़ा करंट, कैंटर में लगी आग
हाईटेंशन तार के संपर्क में आते ही पूरे कैंटर में करंट फैल गया। कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आकर झुलस गए। इसके तुरंत बाद कैंटर में आग लग गई, जिससे मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। श्रद्धालुओं ने किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई।
कैंटर में रखे थे गैस सिलेंडर, टला बड़ा हादसा
कैंटर में धार्मिक यात्रा के दौरान खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर और अन्य सामान भी रखा हुआ था। आग लगने के बाद सिलेंडरों के फटने का खतरा पैदा हो गया था। गनीमत रही कि सिलेंडर नहीं फटे, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था।
स्थानीय लोगों ने पहुंचकर बचाई जान
हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कैंटर में फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला। झुलसे लोगों को घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची।
15 घायलों को करनाल ट्रामा सेंटर भेजा गया
घरौंडा के सरकारी अस्पताल में करंट लगने और झुलसने की हालत में 15 श्रद्धालुओं को लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को बेहतर इलाज के लिए करनाल ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। घायलों में महिला, पुरुष और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
कैंटर चालक और बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद कैंटर चालक की सावधानी और मौके पर मौजूद हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हादसे में झुलसे श्रद्धालु संजय के अनुसार, कैंटर को हाईटेंशन तारों के नीचे खड़ा करने से पहले वाहन की ऊंचाई और तारों की स्थिति को लेकर सावधानी बरती जानी चाहिए थी।अब यह भी जांच का विषय है कि कैंटर वहां किन परिस्थितियों में खड़ा किया गया था और हाईटेंशन तारों की ऊंचाई कितनी थी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि भारी वाहनों की सुरक्षा को लेकर मौके पर कोई व्यवस्था थी या नहीं।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे की जांच की जा रही है। घायलों का करनाल ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह हादसा महज दुर्घटना थी या इसके पीछे चालक की लापरवाही अथवा बिजली व्यवस्था से जुड़ी कोई चूक भी जिम्मेदार थी।







