नूंह। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नूंह में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली निगम के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को एक महिला से सरकारी काम कराने के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय दबोचा गया।
गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों की पहचान फारुख निवासी गुलालता और सलमान निवासी सियापनकी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार फारुख बिजली निगम में लाइनमैन के तौर पर उजीना फीडर पर कार्यरत है, जबकि सलमान नूंह कार्यालय में क्लर्क के पद पर तैनात बताया गया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक महिला ने एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की कि बिजली विभाग के कर्मचारी उसके एक कार्य को पूरा करने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लाइनमैन फारुख ने काम करवाने के एवज में 5 हजार रुपये मांगे थे और बिना पैसे दिए काम करने से इनकार कर दिया था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया और कार्रवाई की योजना बनाई। इसके तहत नूंह शहर के गौशाला रोड क्षेत्र में जाल बिछाया गया। तय योजना के अनुसार आरोपी फारुख अपने साथी सलमान के साथ मौके पर पहुंचा। जैसे ही महिला ने रिश्वत की राशि सौंपी, एसीबी की टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने रिश्वत की रकम बरामद कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या दोनों कर्मचारी पहले भी इसी तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं या उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ है।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है ताकि रिश्वतखोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सामने लाया जा सके।
इस कार्रवाई को सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एसीबी ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित एजेंसी को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।







