रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा ने एक बार फिर मानवता और त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। समय रहते पहुंची एम्बुलेंस टीम की सूझबूझ और तत्परता के चलते एक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव चलती एम्बुलेंस में ही कराया गया। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं और उन्हें आगे की देखभाल के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार शाम एम्बुलेंस कंट्रोल रूम को गांव राजावास से आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि गांव निवासी जितेंद्र की पत्नी राजकुमारी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है और तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के चालक महिपाल और पैरामेडिकल स्टाफ अजय मौके पर पहुंचे और महिला को अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया शुरू की।
अस्पताल पहुंचने के दौरान महिला की प्रसव पीड़ा तेजी से बढ़ने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पैरामेडिकल स्टाफ ने तत्काल निर्णय लेते हुए एम्बुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रुकवाया और आवश्यक चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वाहन के भीतर ही प्रसव की तैयारी शुरू कर दी।
पैरामेडिकल स्टाफ अजय ने पेशेवर दक्षता और संयम का परिचय देते हुए सफलतापूर्वक महिला का प्रसव कराया। कुछ ही समय में महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई और बाद में दोनों को जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि मां और नवजात दोनों की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। चिकित्सकीय निगरानी में उन्हें आवश्यक उपचार और देखभाल दी जा रही है।
घटना के बाद परिजनों ने एम्बुलेंस स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में चालक महिपाल और पैरामेडिकल कर्मचारी अजय ने तत्परता दिखाते हुए मां और बच्चे की सुरक्षित जान बचाई। परिवार ने दोनों कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें अपने लिए किसी देवदूत से कम नहीं बताया।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों और समय पर उपलब्ध आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। 108 एम्बुलेंस सेवा की तत्परता ने न केवल एक सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी मजबूत किया।






