अंबाला। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के अंबाला की स्टार शॉटपुट खिलाड़ी मनप्रीत पदक जीतने से बेहद मामूली अंतर से चूक गईं। महिला गोला फेंक स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में मनप्रीत ने दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंतिम प्रयास में हुई तकनीकी चूक के कारण वह शीर्ष तीन में जगह नहीं बना सकीं और चौथे स्थान पर रहकर प्रतियोगिता समाप्त की।
देर रात हुए फाइनल मुकाबले में मनप्रीत ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की और शुरुआती प्रयासों में मजबूत चुनौती पेश की। दुनिया की 12 शीर्ष खिलाड़ियों के बीच हुए कड़े मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी लगातार पदक की दौड़ में बनी रहीं, लेकिन निर्णायक अंतिम थ्रो के दौरान गोले पर पकड़ पूरी तरह नहीं बन पाने से वह अपेक्षित दूरी हासिल नहीं कर सकीं। इसी वजह से उनका पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया।
इस बार प्रतियोगिता के प्रारूप में बदलाव के चलते क्वालिफाइंग राउंड नहीं कराया गया और खिलाड़ियों को सीधे फाइनल में उतरना पड़ा। ऐसे में मुकाबला और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया था, जहां हर प्रयास का महत्व बढ़ गया था।
अंबाला सिटी के जसमीत नगर की रहने वाली मनप्रीत भारतीय एथलेटिक्स की अनुभवी शॉटपुट खिलाड़ी हैं। उन्होंने वर्ष 2006 में इस खेल में अपना सफर शुरू किया था और लगातार मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। अब तक वह 14 राष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं, जबकि दो बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करवा चुकी हैं।
वेटलिफ्टिंग पृष्ठभूमि से आने वाली मनप्रीत अपनी ताकत और तकनीक के लिए जानी जाती हैं। 145 किलोग्राम तक बेंच प्रेस करने की क्षमता रखने वाली यह खिलाड़ी भारतीय शॉटपुट की मजबूत दावेदारों में गिनी जाती है। ग्लासगो में यह उनका दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स था।
हालांकि मनप्रीत इस बार पदक हासिल नहीं कर सकीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके संघर्ष, जुझारूपन और प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन ने खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया। अंबाला समेत पूरे हरियाणा को उनकी उपलब्धि पर गर्व है और खेल जगत को उम्मीद है कि आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वह देश के लिए पदक जरूर जीतेंगी।







